HEALTHLead NewsRanchi

RTI से खुलासा : रिनपास में आंखों के लिए बने ऑपरेशन थियेटर में आठ सालों से लगा है ताला

विज्ञापन
  • जरूरत पड़ने पर रिम्स से मदद लेता है रिनपास

Ranchi : रिनपास, रांची (रांची तंत्रिका मनोचिकित्सा एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान) में आंखों के ऑपरेशन की सुविधा आठ सालों से बंद पड़ी है. ऑपरेशन थियेटर में 2012 से ताला लगा हुआ है. 2005-06 से 2011-12 तक OT का फायदा जरूरतमंदों को मिला. लेकिन, इसके बाद से इसे नहीं खोला गया. हालांकि, यहां पर 2010-12 के बीच 64 ऑपरेशन किये गये थे.

RTI से मिली जानकारी के अनुसार रिनपास में 2010 से 2020 के बीच आंखों के इलाज और ऑपरेशन पर एक भी रुपया खर्च नहीं किया गया. ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि जब ऑपरेशन थियेटर की सुविधा रिनपास में है, तो यह बंद क्यों है. एक सरकारी संस्थान के होते लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में जाकर अपनी पॉकेट ढीली करनी पड़ रही है.

इसे भी पढ़ें-दुमका उपचुनाव :  जेएमएम प्रत्याशी बसंत सोरेन ने भरा नामांकन, जनता पर जताया भरोसा

advt

मिलती है केवल OPD सेवा 

RTI एक्टिविस्ट सुनील महतो ने रिनपास में आंखों के इलाज के लिए उपलब्ध सेवाओं और OT की उपयोगिता के बारे में जानने की पहल की थी. रिनपास ने इस पर पिछले दिनों बताया कि 2010 से अब तक उनके यहां एक भी केस में आंखों का ऑपरेशन नहीं हुआ है. डॉ शैलेंद्र कुमार सिंह ने मेडिकल ऑफिसर और नेत्र विशेषज्ञ के तौर पर 2010 से 2016 तक उनके यहां सेवा दी थी. इस दौरान आंखों के कुल 64 ऑपरेशन (2010-11 में 51 और 2011-12 में 13) किये गये थे.

पांच जुलाई 2016 से अब तक डॉ पंकज कुमार आई स्पेशलिस्ट के तौर पर सेवा दे रहे हैं. उनके समय में एक भी ऑपरेशन नहीं किया जा सका है. रिनपास में आंखों के लिए फिलहाल केवल ओपीडी सेवा ही मिल रही है. वैसे वेबसाइट पर जानकारी दी गयी है कि यहां आंखों के लिए ऑपरेशन थियेटर की सुविधा 2004 से शुरू हो गयी थी. रिनपास में Opthalmology सेवाओं और इसके लिए बढ़िया ऑपरेशन थियेटर की सुविधा मौजूद होने की सूचना भी दी हुई है.

इसे भी पढ़ें-अब हवाई जहाज से हो रही है झारखंड की लड़कियों की ट्रैफिकिंग

रिम्स से ली जाती है मदद

रिनपास निदेशक सुभाष सोरेन ने न्यूजविंग को बताया कि ऑपरेशन थियेटर का उपयोग नहीं हो पा रहा है. इसके लिए टीम भी पूरी नहीं है. हालांकि, इससे आंखों के ऑपरेशन संबंधी सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ता है. ऐसी किसी समस्या की स्थिति में रिम्स की सेवा लिये जाने की व्यवस्था की गयी है. पिछले चार सालों में एक भी ऐसा केस नहीं आया है, जिसमें किसी पेशेंट को आंखों के ऑपरेशन की जरूरत हो. कैंसर और अन्य बीमारियों से प्रभावित कुछेक इनडोर पेशेंट को स्वास्थ्य लाभ दिलाने को रिम्स की मदद ली गयी है. फिलहाल रिनपास में ब्रेन से रिलेटेड विभिन्न तरह की हेल्थ सर्विसेज शुरू किये जाने पर जोर है. न्यूरो सर्जरी जैसी सेवाएं भी जल्दी शुरू की जायेंगी.

adv

इसे भी पढ़ें-JSSC से अपना ‘हक’ लेने के लिए मोरहाबादी की बापू वाटिका में युवाओं का सत्याग्रह शुरू

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button