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48 घंटे में काम पर लौटें राजस्वकर्मी, नहीं तो स्वतः निलंबित समझा जायेगा : सरायकेला-खरसावां उपायुक्त

उपायुक्त के अल्टीमेटम के बाद राजस्वकर्मियों में उबाल

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Ranchi : झारखंड राज्य राजस्व उप निरीक्षक संघ संघर्ष समिति के बनैर तले राजस्वकर्मी 26 नवंबर से हड़ताल पर हैं. सरायकेला-खरसावां जिला के उपायुक्त ने राजस्वकर्मियों के खिलाफ पत्र निर्गत करते हुए कहा है कि राजस्व उपनिरीक्षकों के कार्य न करने से कार्य में बाधा हो रही है, जो सरकारी काम में बाधा है. उपायुक्त ने पत्र के माध्यम से राजस्व उपनिरीक्षकों को 48 घंटे के भीतर काम पर लौटने का आदेश दिया है. 48 घंटे के बाद राजस्वकर्मियों की अनुपस्थिति में उन्हें स्वतः निलंबित समझा जायेगा. पत्र के बाद से राज्य भर के राजस्वकर्मियों में उबाल है. समिति के अध्यक्ष अमर किशोर सिन्हा ने कहा कि पिछले 20 दिनों से अपने अधिकार के लिए राजस्वकर्मी हड़ताल पर हैं. सरायकेला-खरसावां में कर्मियों के खिलाफ दमनकारी नीति अपनायी गयी है. उन्होंने कहा कि देश में प्रत्येक व्यक्ति को अधिकार है कि अपने अधिकारों और भावनाओं को व्यक्त करें.

जिला मुख्यालयों में की भूख हड़ताल

वहीं शनिवार को राज्य भर के राजस्वकर्मियों ने जिला मुख्यालयों के समक्ष सांकेतिक भूख हड़ताल की. राज्य भर के 1700 कर्मियों ने इस दौरान भूख हड़ताल की. कार्यकारी अध्यक्ष राजेश कुमार ने जानकारी दी कि 18 दिसंबर को राजस्वकर्मी सचिवालय के समक्ष मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे. वहीं, अगर दिसंबर तक सरकार राजस्वकर्मियों की मांगों को पूरा नहीं करती है, तो जनवरी के पहले सप्ताह से आमरण अनशन  किया जायेगा.

वादे से मुकर रही सरकार

राजस्वकर्मियों ने कहा कि सात मार्च 2017 को सरकार ने राजस्वकर्मियों को 2400 रुपये ग्रेड पे और तीन साल बाद 2800 रुपये देने की घोषणा की थी. लेकिन, अब एक साल होने को है और सरकार अब तक राजस्वकर्मियों के हित में फैसला नहीं ले पायी है. राजस्वकर्मियों की प्रमुख मांग ग्रेड पे 2400, रेवेन्यू प्रोटेक्शन एक्ट, विभागीय परीक्षा में पांच साल का अनुभव समेत अन्य मांग है.

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