न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सर्जिकल स्‍ट्राइक पर बोले रिटायर्ड लेफ्ट‍िनेंट जनरल, राजनीति नहीं की जानी चाहिए

चंडीगढ़ में चल रहे मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल के दौरान सीमा पार ऑपरेशंस और सर्जिकल स्‍ट्राइक पर अपनी बात रखते हुए कहा कि सैन्‍य ऑपरेशंस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.

11

NewDelhi : सैन्‍य ऑपरेशंस का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए.   2016 में की गयी सर्जिकल स्‍ट्राइक के समय उत्‍तरी सेना के कमांडर रहे लेफ्ट‍िनेंट जनरल रिटायर्ड डीएस हुड्डा ने यह बात कही. उन्‍होंने शुक्रवार को चंडीगढ़ में चल रहे मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल के दौरान सीमा पार ऑपरेशंस और सर्जिकल स्‍ट्राइक पर अपनी बात रखते हुए कहा कि सैन्‍य ऑपरेशंस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.  हुड्डा ने कहा कि सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद मुद्दे का राजनीतिकरण किये जाने की बात सामने आयी. चुनिंदा वीडियोज, फोटोग्राफ्स को लीक कर एक मिलिट्री ऑपरेशन को राजनीतिक चर्चा में बनाये रखने का प्रयास हुआ. रिटायर ले जनरल ने सवाल उठाया कि क्‍या महिमामंडन से फायदा हुआ? जवाब दिया कि बिल्‍कुल नहीं हुआ.  कहा कि अगर आप सैन्‍य ऑपरेशंस में राजनैतिक फायदे लेना शुरू कर देंगे तो यह ठीक नहीं है.  कहा कि उस समय दोनों तरफ से राजनैतिक बयानबाजी की गयी. इस क्रम में भविष्‍य के ऑपरेशंस के लिए फैसला लेने वालों की सोच पर सर्जिकल स्‍ट्राइक के प्रभाव पर कहा, यदि आप एक सफल ऑपरेशन का महिमामंडन करेंगे तो ठीक नहीं है.

हमने चुपचाप सर्जिकल स्‍ट्राइक की होती तो ज्‍यादा अच्‍छा होता

इस क्रम में कहा कि क्‍या हम अगली बार सोचेंगे कि अगर हमारे लोग मारे गये तो?” क्‍या इसका असर नेतृत्‍व पर होगा? क्‍या होगा अगर यह ऑपरेशन उतना सफल न हो? इससे भविष्‍य में सावधान होना पड़ सकता है.  अगर हमने चुपचाप सर्जिकल स्‍ट्राइक की होती तो ज्‍यादा अच्‍छा होता.  जनरल हुड्डा ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, जब हम सर्जिकल स्‍ट्राइक की योजना बना रहे थे तो मन में यह विचार नहीं था कि पाकिस्‍तान उरी जैसे हमले बंद कर देगा. कहा कि 2013 के आखिरी दिनों से ही आंतकी सीमा पार कर हीरानगर, जंगलोटे, पठानकोट और उरी स्थित सैन्‍य ठिकानों पर हमला करने आते रहे हैं.  हुड्डा के अनुसार, जुलाई 2016 के बाद, बुरहान वानी की मौत के बाद सेना पर दबाव रहा है.  उरी हमले के बाद हमारे मन में कोई संदेह नहीं था कि अब कुछ करना होगा और एलओसी पार पाकिस्‍तान कैंपों को चोट पहुंचानी ही होगी.

डीएस हुड्डा ने कहा कि सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद, सेना ने पाया कि पाकिस्‍तान में अच्‍छी-खासी हलचल मची.  उनकी छुट्टियां कैंसिल कर दी गयी.   हमने रेडियो पर उनकी बातचीत पकड़ी.  वे बात कर रहे थे कि हम किसी इलाके में ऐसा फिर कर सकते हैं.  इस बात पर वे हैरान थे कि भारतीय कैसे भीतर घुसकर ऐसा ऑपरेशन कर सकते हैं?

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

%d bloggers like this: