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मोदी सरकार का प्रयास, देश की जेलों में ज़िम्मेवार नागरिक हों तैयार

  • गोष्ठियों-कार्यशालाओं के जरिये जेलकर्मियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
  • सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न पर राज्यसभा में सरकार ने दी जानकारी

Ranchi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कार्यरत भारत सरकार जेलों को सजायाफ्ता या विचाराधीन बंदियों के लिए यातना गृह बनाने में विश्वास नहीं रखती.  सरकार चाहती है कि देश के कारागार सुधार गृह के रूप में काम करें, ताकि सजा की अवधि पूरी कर जेलों से निकलेवाले लोग न सिर्फ हुनरमंद और आत्मनिर्भर हों बल्कि उनमें देश के एक जिम्मेदार नागरिक की चेतना भी हो.

इस उद्देश्य को ध्यान में रख कर सरकार ने विगत पांच वर्षों में देश भर के कारागार कर्मियों को विभिन्न गोष्ठियों, कार्यशालाओं, सम्मेलनों आदि के माध्यम से प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम संचालित किया है.

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राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न का उत्तर देते हुए गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने इन कार्यक्रमों का विस्तार से ब्यौरा प्रस्तुत किया.

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50 से अधिक कार्यक्रम

गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि गृह मंत्रालय के पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो एवं अन्य संस्थानों द्वारा विगत 5 वर्षों में 50 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किये गये और इन कार्यक्रमों के जरिये विभिन्न स्तर के कारागार कर्मियों को कैदियों के पुनर्वास और उन्हें समाज के साथ जोड़ने, कारागारों की प्रौद्योगिकी, कृषि और उद्योग से बंदियों को जोड़ने, कारागारों में सुरक्षा, महिला कैदियों की स्वास्थ्य संबंधी विशिष्ट जरूरतों, बंदियों का उत्पादक कार्यों में नियोजन, कैदियों के मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य, मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव, कैदियों की न्याय व्यवस्था तक पहुंच, कैदियों का कौशल विकास एवं पुनर्वास, कैदियों को शिक्षा, योग एवं अध्यात्म से जोड़ना आदि विषयों का प्रशिक्षण दिया गया.

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एयरसेवा वेब पोर्टल पर मिली 24596 शिकायतें

सांसद महेश पोद्दार के एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए नागर विमानन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि एयरसेवा वेब पोर्टल को शुरू किये जाने के बाद से 29 नवम्बर 2019 तक कुल 24596 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनका नियमानुसार समाधान किया गया है.

उन्होंने बताया कि सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ विचार विमर्श के बाद तैयार किये गये यात्री अधिकार चार्टर को फरवरी 2019 में जारी किया गया है. यह चार्टर नागर विमानन मंत्रालय की वैबसाइट पर पब्लिक डोमैन में उपलब्ध है. यात्रियों से प्राप्त सुझावों के अनुसार प्रभावी नियमों एवं दिशानिर्देशों के तहत यात्री अधिकार चार्टर में लगातार संशोधन किये जा रहे हैं.

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