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विकास के लिए सामाजिक दायरे से बाहर निकलें मूलवासी

युवाओं में सामाजिक चेतना एवं राजनीतिक जागरूकता विषय में सम्मेलन का आयोजन

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Ranchi : प्रत्येक व्यक्ति की पहचान उसके समाज से ही है, जिसमें वह जन्म लेता है. अपने विशिष्ट समाज, संस्कृति, परंपरा, रीति रिवाज, भाषा, मानवीय मूल्य आदि के कारण ही व्यक्ति की पहचान होती  है. जो व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है. उक्त बातें राष्ट्रीय ईसाई महासंघ के प्रदेश युवा सम्मेलन में वक्ताओं ने कहीं. सम्मेलन का विषय युवाओं में सामाजिक चेतना एवं राजनीतिक जागरुकता रखा गया. वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक चेतना एवं राजनीतिक जागरुकता मानव जीवन के महत्वपूर्ण पहलू हैं. प्रत्येक व्यक्ति को समाज और समाज को व्यक्ति परिभाषित करता है.

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जिस समाज की पहचान नहीं होती उसका अस्तित्व समाप्त हो जाता है

आदिवासी समुदायों का अस्तित्व समाप्‍त होने के कगार पर वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में आदिवासी समाज के उपर बहस छिड़े हैं, लेकिन यहां यह समझने की बात है कि आदिवासी समाज का अर्थ प्राचीन कालीन सभ्यता और उसके विकास, विशिष्ट जीवन शैली, मानवीय मूल्यों आदि से किया जाता है. वक्ताओं ने कहा कि जिस समाज की पहचान नहीं होती उसका अस्तित्व समाप्त हो जाता है. दुनिया के कई आदिवासी समुदायों का अस्तित्व समाप्‍त होने को है, उनकी सभ्यताएं विलीन हो रही है.

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पीढ़ियों से बनी है आदिवासी सभ्यता

इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज पीढ़ियों से बनी है. आदिवासी संस्कृति सभ्यता की बात जहां होती है उसका अर्थ है कि उनकी पीढ़ी से. आदिवासी परंपरा का विकास एक लंबे समय में हुआ है. जो पीढ़ी दर पीढ़ी अनवरत चली है. अब इन पीढ़ियों के विकास को विकसित करना ही मुख्य उद्देश्य होना चाहिये.

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सामाजिक अस्तित्व की रक्षा के लिए प्रयत्नशील रहना है

वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज में विकास के दायरे को समझने के लिये अपने सामाजिक दायरे से बाहर निकलना होगा. तभी सामाजिक की पहचान का अहसास होगा. जीवन में प्रतिस्‍प्रर्धा रहेगी, जीविका के लिए और अपने अस्त्तिव को बचाने के लिये संघर्ष किया जाता है. वक्ताओं ने कहा कि राजनीतिक जागरूकता का अर्थ सिर्फ अंधी दौड़ में भागते रहना नहीं, बल्कि सामाजिक अस्तित्व की रक्षा के लिये प्रयत्नशील रहना भी है.

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ये प्रस्ताव पारित हुए

इस दौरान बेरोजगार युवा को स्वरोजगार से जोड़ने के लिये बेरोजगार युवा प्रकोष्ठ का गठन किया गया, बास्केट बाल अकादमी के निर्णय का प्रस्ताव पास किया गया.  स्लम शुकर फुटबॉल से गरीब बस्तियों एवं दूर दराज जंगल क्षेत्र के युवाओं को जोड़कर विकास की पहल की जायेगी. मार्च 2019 में प्रदेश स्तरीय युवा सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा.  मौके पर डाॅ क्रिस्टी अब्राहम, दुर्गा किस्पोट्टा, रूपा रानी, राहुल खलखो, विजय खलखो, सुफल टोप्पो आदि ने संबोधित किया.

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