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रिजर्व ईवीएम की जीपीएस सिस्टम से होगी ट्रैकिंग : एल ख्यांग्ते

चुनाव के दौरान निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाये रखने के लिए निर्वाचन आयोग ने की पहल

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Ranchi :  लोकसभा चुनाव को लेकर सूचना तकनीक के एप्लीकेशन का काफी तेजी से निर्वाचन आयोग द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है. अब रिजर्व रखी गयी ईवीएम को लाने और ले जाने के लिए उसकी सतत ट्रैकिंग की जायेगी. इसको लेकर जीपीएस आधारित एप भी विकसित किया गया है, जिसकी निगरानी मोबाइल से की जायेगी. राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल ख्यांग्ते ने मोबाइल आधारित जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम के प्रशिक्षण कार्यक्रम में बुधवार को यह बातें कहीं. उन्होंने कहा कि जीपीएस ट्रैकिंग पर सभी जिलों के ईवीएम सेल के नोडल पदाधिकारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को जोड़ा गया है.

उन्होंने कहा कि सेक्टर ऑफिसर द्वारा मतदान के दिन के लिए रिजर्व ईवीएम प्राप्त करने से लेकर उसे निर्धारित स्थान पर जमा करने तक के मूवमेंट की लगातार ट्रैकिंग की जाएगी. जीपीएस ट्रैकिंग के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय में नियंत्रण कक्ष बनाया जाएगा.  उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए निर्वाचन आयोग ने यह पहल की है. कहा कि झारखंड में चार हजार सेक्टोरल अफसर नियुक्त किये गये हैं. आज के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय चौबे और डॉ मनीष रंजन विशेष रूप से मौजूद थे.

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एप से लोकेशन, रुट और स्पीड का भी चलेगा पता

मोबाइल बेस्ड जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए रिजर्व ईवीएम को लेकर जानेवाले सेक्टर ऑफिसर की सभी गतिविधियों पर नजर रखी जायेगी. इसमें सेक्टोरल आफिसर के वास्तविक लोकेशन, वाहन की गति, एंड्रायड फोन की बैटरी के प्रतिशत का भी पता चल सकेगा. साथ ही साथ इसकी भी जानकारी मिलेगी कि निर्धारित रूट में जा रहे वाहन का स्टॉपेज कहां -कहां और कितने समय के लिए हुआ. इसके लिए सेक्टर अफसरों को स्पष्ट निर्देश है कि वे मूवमेंट के दौरान अपने मोबाइल फोन को स्वीच्ड ऑफ मोड में नहीं रखेंगे. इसकी मदद से सेक्टर अफसर का मोबाइल फोन जहां-जहां मूव करेगा, उसके वास्तविक लोकेशन की जानकारी मिलती रहेगी.

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