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रेरा का फरमान: 1 जुलाई से पहले जमा करें डॉक्यूमेंट्स नहीं तो कोर्ट में लगेगी हाजिरी, प्रोजेक्ट भी होगा रिजेक्ट

Ranchi: झारखंड रियल इस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी (रेरा) बिल्डर्स की मनमानी पर रोक लगाने को लेकर सख्त हो गया है. वहीं सभी बिल्डर्स को एक फरमान जारी किया गया है. जिसके तहत बिल्डर्स को अपने प्रोजेक्ट से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट 1 जुलाई के पहले आनलाइन जमा कराना है. इसके बाद भी बिल्डर डॉक्यूमेंट अपलोड नहीं कराता है तो उसे रेरा कोर्ट में हाजिरी लगानी होगी. इतना ही नहीं डॉक्यूमेंट के अभाव में प्रोजेक्ट को रिजेक्ट कर दिया जाएगा. बताते चलें कि राज्य में लोगों को बिल्डरों की ठगी से बचाने के लिए ही रेरा का गठन किया गया है.

933 प्रोजेक्ट है रजिस्टर्ड

रेरा में अबतक 933 प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड है. जिसमें 607 प्रोजेक्ट आफलाइन और 326 प्रोजेक्ट आनलाइन रजिस्टर्ड है. रेरा ने आफलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले बिल्डर्स को भी सभी डॉक्यूमेंट आनलाइन अपलोड करने का निर्देश जारी किया है. इसके बावजूद बिल्डर कागजात अपलोड नहीं कर रहे है. वहीं डेडलाइन पास होने के बाद तरह-तरह के बहाने बना रहे है. जिससे कि कई मामलों में सुनवाई भी नहीं हो पा रही है.

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1262 को फैसले का इंतजार

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रेरा में किसी भी प्रोजेक्ट को रजिस्टर्ड कराना अनिवार्य किया गया है जिससे कि लोगों को ठगी से बचाया जा सके. इसी के तहत बिल्डर द्वारा समय पर फ्लैट हैंडओवर नहीं किए जाने पर लोग रेरा में मामला दर्ज करा रहे है. वहीं इसके लिए तारीख भी दी जाती है. लेकिन बिल्डरों के ढुलमुल रवैये की वजह से सुनवाई भी नहीं हो पा रही है. इस वजह से केस की संख्या बढ़कर 1262 हो गई है. वहीं सुनवाई की रफ्तार यहीं रही तो लोगों को न्याय के लिए भी सालों तक इंतजार करना होगा.

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