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रिपब्लिक टीवी का संकट बढ़ा, अब  संपादकों, एंकरों पर मुकदमा दर्ज, चैनल ने  अघोषित आपातकाल करार दिया

पुलिस के अनुसार रिपब्लिक टीवी ने यह खबर प्रसारित की कि  मुंबई पुलिसकर्मी आयुक्त परमवीर सिंह के खिलाफ विद्रोह कर रहे हैं

Mumbai : रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के कार्यकारी संपादक, एंकर सहित पत्रकारों पर मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को केस दर्ज किया है. खबर है कि एनएम जोशी मार्ग पुलिस ने रिपब्लिक की एडिटोरियल टीम के खिलाफ पुलिस ऐक्ट 1922 की धारा 3 (1) और आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. शिकायतकर्ता सब इंस्पेक्टर शशिकांत पवार हैं.

उन्होंने अपनी शिकायत में रिपब्लिक टीवी की डेप्युटी एडिटर सागरिका मित्रा, एंकर शिवानी गुप्ता, डेप्युटी एडिटर शावन सेन, कार्यकारी संपादक निरंजन नारायणस्वामी और अन्य संपादकीय स्टाफ को नामजद किया है. शिकायत में कहा गया है कि एंकर ने परमबीर पर आरोप लगाया कि वह मुंबई पुलिस का नाम खराब कर रहे हैं और अपने व्यक्तिगत हित साधने के लिए काम कर रहे हैं.

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पुलिस विभाग के खिलाफ अपमानजनक समाचार प्रसारित करने के आरोप में मामला दर्ज

मुंबई पुलिस ने  पुलिस विभाग के खिलाफ कथित अपमानजनक समाचार प्रसारित करने के आरोप में मामला दर्ज किया है. पुलिस के अनुसार रिपब्लिक टीवी ने यह खबर प्रसारित की कि  मुंबई पुलिसकर्मी आयुक्त परमवीर सिंह के खिलाफ विद्रोह कर रहे हैं और उनके आदेशों को स्वीकारने से माना कर रहे हैं. दावा किया कि यह खबर पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह के खिलाफ पुलिस कर्मियों में असंतोष पैदा करेगी.

मुंबई पुलिस आयुक्त संविधान और कानून से ऊपर नहीं हैं

केस दर्ज होने पर रिपब्लिक टीवी ने कहा, एक मीडिया संगठन के सभी पत्रकारों को बुक करना सही नहीं है. विशेष रूप से महाराष्ट्र राज्य के भीतर इसका लोकतंत्र पर बुरा असर पड़ेगा. साथ ही चैनल ने  एक ट्वीट भी किया है. रिपब्लिक ने लिखा, दुनिया के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है.  मुंबई पुलिस आयुक्त संविधान और कानून से ऊपर नहीं हैं. यह मुंबई पुलिस द्वारा प्रेस की स्वतंत्रता पर खुला और जोरदार हमला है.

कहा कि रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क को अपनी स्थापना के बाद हुए प्रत्येक लेन-देन की जानकारी और सभी कर्मचारियों की सूची जमा कराने के लिए नोटिस भेजा गया है. हम दबाव डालने के हर हथकंडे का डटकर सामना करेंगे.

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प्रधान संपादक अरनब गोस्वामी के खिलाफ पहले मामला दर्ज हो चुका है

रिपब्लिक चैनल के खिलाफ पुलिस ने यह चौथा मामला दर्ज़ किया है. इससे पहले चैनल के प्रधान संपादक अरनब गोस्वामी के खिलाफ सांप्रदायिक तनाव उकसाने के लिए पायधुनी और एनएम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में दो एफआईआर दर्ज़ की गयी थी.  टीआरपी की कथित धोखाधड़ी से संबंधित एक मामले की जांच मुंबई अपराध शाखा द्वारा की जा रही है, जबकि पुलिस द्वारा अलग से गोस्वामी के खिलाफ कार्यवाही शुरू की गयी है.

 

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