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प्रख्यात वकील व पूर्व मंत्री राम जेठमलानी का निधन, पीएम मोदी ने  शोक जताया  

NewDelhi : देश के दिग्गज वकीलों में शुमार राम जेठमलानी का रविवार सुबह 95 साल की उम्र में निधन हो गया. उनके पुत्र महेश जेठमलानी ने भाषा को बताया कि जेठमलानी ने दिल्ली में अपने आधिकारिक आवास में सुबह पौने आठ बजे अंतिम सांस ली. महेश और उनके अन्य निकट संबंधियों ने बताया कि उनकी तबियत कुछ महीनों से ठीक नहीं थी. बताया कि कुछ दिन बाद 14 सितंबर को राम जेठमलानी का 96वां जन्मदिन आने वाला था. महेश ने बताया कि उनके पिता का अंतिम सरकार लोधी रोड स्थित शवदाहगृह में शाम को किया जायेगा.

जान लें कि जेठमलानी अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय कानून मंत्री और शहरी विकास मंत्री भी रहे हैं. साल 2010 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया था. वर्तमान में जेठमलानी राजद से राज्यसभा सांसद थे.

पीएम मोदी ने जेठमलानी के निधन पर शोक जताया


पीएम ने ट्वीट कर जेठमलानी के निधन पर शोक जताया है, कहा कि राम जेठमलानी के रूप में देश ने एक शानदार वकील और प्रतिष्ठित व्यक्ति को खो दिया है. उनका योगदान कोर्ट और संसद दोनों के लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने कभी भी किसी भी मुद्दे पर अपनी भावनाएं व्यक्त करने में हिचकिचाहट महसूस नहीं की. उनकी सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वह सिर्फ अपने मन की बात बोलते थे. उन्होंने बिना किसी डर के ऐसा किया.

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आपातकाल के दौरान उन्होंने जनता के लिए लड़ाई लड़ी. जरूरतमंद के साथ खड़ा होना भी उनकी बड़ी खासियत थी. मैं अपने आप को भाग्यशाली समझता हूं कि कई मौकों पर उनसे बात करने का मौका मिला. दुख की घड़ी में उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं. वह आज भले ही यहां न हों, लेकिन उनके किये गये कार्य हमेशा रहेंगे.

गृहमंत्री अमित शाह ने जेठमलानी के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. शाहने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी के निधन से दुखी हूं. उनके रूप में हमने न सिर्फ एक दिग्गज वकील को बल्कि एक अच्छे इंसान को भी खो दिया है. जेठमलानी जी का जाना पूरे विधि क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है. कानूनी मामलों में उनकी जानकारी के लिए उन्हें सदैव याद किया जायेगा. उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं.

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 जेठमलानी का जन्म 14 सितंबर 1923 को सिंध में हुआ था

राम जेठमलानी का जन्म 14 सितंबर 1923 को सिंध प्रांत के शिकारपुर में हुआ था. इनका पूरा नाम राम बूलचंद जेठमलानी था. जान लें कि ट्रायल कोर्ट, हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने कई बड़े केस लड़े . उनका पहला सबसे चर्चित केस 1959 में आया, जब वे केएम नानावती बनाम महाराष्ट्र राज्य केस में वकील थे.

वाजपेयी के खिलाफ भी चुनाव लड़ा था

साल 2004 में राम जेठमलानी ने लखनऊ से अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ भी चुनाव लड़ा था. 2010 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन का अध्यक्ष भी चुना गया था. छठी और सातवीं लोकसभा में जेठमलानी भाजपा के टिकट पर मुंबई से सांसद चुने गये थे. जेठमलानी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय कानून मंत्री और शहरी विकास मंत्री रहे थे उनके बेटे महेश जेठमलानी भी बड़े वकील माने जाते हैं, उनकी एक बेटी अमेरिका में रहती है. जबकि एक बेटी का निधन हो चुका है.

अफजल गुरु की फांसी का बचाव किया था

राम जेठमलानी का सबसे विवादित केस अफजल गुरु की फांसी का बचाव करना था. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्यारों का मद्रास हाई कोर्ट में 2011 में केस लड़ा था, स्टॉक मार्केट घोटाला केस में उन्होंने हर्षद मेहता और केतन पारेख का केस भी लड़ा. बहुचर्चित जेसिकालाल हत्याकांड में उन्होंने मनु शर्मा का केस भी लड़ा था.

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