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एफएसएसएआई का पोर्टल नहीं चलने के कारण व्यापारी नहीं करा पा रहे लाइसेंस का नवीकरण

प्रतिदिन 100 रुपये का भरना पड़ रहा है जुर्माना

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Ranchi : स्मॉल स्केल इंडस्ट्री के सामने वर्तमान में लाइसेंस को लेकर बड़ी समस्या बनी हुई है. दरअसल, ऐसे इंडस्ट्री संचालकों को लाइसेंस लेने या लाइसेंस नवीकरण कराने के लिए काफी पापड़ बेलने पड़ रहे हैं. इंडस्ट्री संचालक चाहते हुए भी न तो अपने लाइसेंस का नवीकरण करा पा रहे हैं और न ही नया लाइसेंस निर्गत करा पा रहे हैं. व्यापारियों का कहना है कि लाइसेंस नवीकरण के लिए ऑनलाइन माध्यम बना दिया गया है. फूड लाइसेंस के लिए अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल काम ही नहीं कर रहा है, जिस वजह से सभी व्यापारियों की परेशानी बढ़ी हुई है. मालूम हो कि एक जुलाई 2018 से फूड लाइसेंस प्राप्ति एवं नवीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन देने का नियम शुरू हुआ था. इस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने के बाद व्यापारियों को लाइसेंस के लिए महीनों इंतजार करना पड रहा है. वहीं, दूसरी ओर लाइसेंस का नवीकरण नहीं होने की परिस्थिति में व्यापारियों से प्रतिदिन 100 रुपये जुर्माना भी वसूला जा रहा है.

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तीन-तीन महीने से अटके पड़े हैं आवेदन

इस संबंध में चैंबर के महासचिव कुणाल आजमानी ने बताया कि आवेदन की प्रकिया को ऑनलाइन तो कर दिया गया है, लेकिन जब से पोर्टल बनाया गया है, तब से हमेशा उसमें कुछ न कुछ गड़बड़ी रहती है. साथ ही, अधिकांश समय तो उनका सर्वर ही डाउन रहता है. जबकि, व्यापारियों को व्यापार के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है. कई व्यापारी ऐसे हैं, जिनके आवेदन तीन-तीन महीने से अटके पड़े हैं. उन्हें फूड लाइसेंस नहीं मिला है. प्रशासनिक गलती का खामियाजा व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है. उनसे प्रतिदिन 100 रुपये जुर्माना भी वसूला जा रहा है. व्यापारी तो समय से अपना लाइसेंस नवीकरण के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन परेशानी भी उन्हीं को झेलनी पड़ रही है. कुणाल ने बताया कि सात नवंबर को ग्लोबल कंज्यूमर सर्विसेज प्रा.लि. ने लाइसेंस नवीकरण के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनका आवेदन अब तक ऐसे ही पड़ा हुआ है. ऐसे सैकड़ों व्यापारी हैं, जो लाइसेंस नहीं मिलने के कारण व्यापार नहीं कर पा रहे हैं या समय पर लाइसेंस का नवीकरण नहीं होने के कारण फिजूल में जुर्माना भर रहे हैं. कुणाल आजमानी ने बताया कि दिवाली व अन्य त्योहारों के मौके पर दुकानों पर जाकर लाइसेंस की जांच करते हैं, लेकिन दूसरी ओर लाइसेंस निर्गत भी नहीं करते.

विभागीय सचिव ने दिया समस्या के समाधान का आश्वासन

फूड लाइसेंस निर्गत करने और इसकी जांच की जिम्मेदारी पहले सिविल सर्जन कार्यालय में रहनेवाले एसीएमओ पदाधिकारी की हुआ करती थी. अब इसकी जिम्मेदारी एसडीओ को दे दी गयी है. एसडीओ कोड और पासवर्ड के इंतजार में रहती हैं, जिस कारण व्यापारियों के आवदेन में देर होती है. वहीं, इस संबंध में विभागीय सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने सभी व्यापारियों को उनकी समस्याओं का समाधान करने और जुर्माना राशि को समाप्त कराने का आश्वासन दिया है.

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