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पारा शिक्षकों के मानदेय अंशदान में कटौती, राज्य सरकार को तंग करना केंद्र का उद्देश्य : रामेश्वर उरांव

Ranchi : केंद्र सरकार ने पारा शिक्षकों के मानदेय के मद में दी जानेवाली राशि कम कर दी है. वित्तीय वर्ष 2021-22 में पारा शिक्षकों के मानदेय के लिए केंद्र सरकार की ओर से केवल 781 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं.

जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में केंद्र द्वारा 932 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये थे. केंद्र के इस कदम का सीधा मतलब है कि वो राज्य सरकार को तंग करना चाहता है. राज्य का कोष खाली है.

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कोरोना की समस्या से निपटने में राज्य सरकार लगी हुई है. लेकिन पारा शिक्षकों के मानदेय अंशदान में कटौती कर राज्य सरकार को केंद्र परेशान करना चाहता है. उक्त बातें राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहीं.

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151 करोड़ रुपये कम स्वीकृत

उन्होंने कहा कि अब राज्य का वित्तीय बोझ बढ़ेगा. इस समय राज्य कोरोना संकट से जूझ रहा है. ऐसे में यह राज्य को परेशान करनेवाला कदम है. गत वर्ष की तुलना में 151 करोड़ रुपये कम स्वीकृत किये गये हैं.

पारा शिक्षकों के मानदेय की राशि कम करने से राज्य सरकार पर और वित्तीय बोझ बढ़ेगा. स्वीकृत राशि में से 40 फीसदी राशि राज्य सरकार को ही देनी है. समग्र शिक्षा अभियान के तहत कुल खर्च होनेवाली राशि का 60 फीसदी केंद्र व 40 फीसदी राशि राज्य सरकार देती है.

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मानदेय पर प्रतिवर्ष खर्च होते हैं 1100 करोड़

बताते चलें कि पारा शिक्षकों के मानदेय पर प्रतिवर्ष लगभग 1100 करोड़ रुपये खर्च होते हैं. ऐसे में राज्य सरकार पहले से ही पारा शिक्षकों के मानदेय के मद में अपनी ओर से राशि देती है.

अब केंद्र की ओर से राशि कम किये जाने से राज्य सरकार को अपने मद से मानदेय के लिए और अधिक राशि देनी होगी.

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