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हाईकोर्ट से राजीव जयसवाल को राहत, गैर जमानती वारंट निरस्त

Ranchi: कंपनी से जुड़े एक विवाद मामले में हजारीबाग की निचली अदालत द्वारा सीआरपीसी की धारा 313 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में सशरीर उपस्थित नहीं होने के कारण राजीव जयसवाल के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को झारखंड हाइकोर्ट ने निरस्त कर दिया. इससे पहले भी कोर्ट ने 2 दिन पूर्व इसी मामले में रामगढ़ विधायक ममता देवी की गैर जमानती वारंट को रद्द कर दिया था. मामले की सुनवाई हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति एसके द्विवेदी की अदालत में हुई. दरअसल, राजीव जयसवाल को एक कंपनी से जुड़े विवाद मामले में हजारीबाग की निचली अदालत में सीआरपीसी की धारा 313 के तहत बयान दर्ज कराना था. लेकिन उनकी ओर से अधिवक्ता के माध्यम से रिप्रेजेंटेशन दिया गया कि वे बीमार है ऐसे में वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं. इस पर कोर्ट ने उनके बेल बांड को रद्द करते हुए गैर जमानती वारंट जारी किया.

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साथ ही बेलर को भी नोटिस जारी किया. झारखंड हाइकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि एक ही दिन में बेल बांड रद्द करना, बेलर को नोटिस, नन बेलेबल वारंट सहित अन्य आदेश निचली अदालत द्वारा पारित किया गया, जो अनुचित है. उनके वकील के माध्यम से कोर्ट में उपस्थित नहीं होने से संबंधित आवेदन को कोर्ट ने खारिज करते हुए उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया. हाइकोर्ट ने राजीव जयसवाल को निर्देश दिया है कि वह 2 नवंबर से पहले या जब निचली अदालत सीआरपीसी की धारा 313 का बयान दर्ज करने की तिथि निर्धारित करती है उस दिन वे अपना बयान दर्ज करा लें. प्रार्थी की ओर से वरीय अधिवक्ता एके कश्यप ने पैरवी की. वही राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता भोला नाथ ओझा ने पैरवी की.

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