Court NewsCrime NewsFashion/Film/T.VLead News

तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की बबीता जी को राहत, 4 राज्यों में दर्ज मामलों में कार्यवाही पर रोक

मुनमुन दत्ता के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम के तहत दर्ज केस सुप्रीम कोर्ट ने दिया निर्देश

New Delhi :  टीवी के मशहूर धारावाहिक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की बबीता यानी मुनमुन दत्ता को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. मुनमुन दत्ता के खिलाफ चार राज्यों में दर्ज मामलों में कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. इसके अलावा सोशल मीडिया के जरिए मुनमुन दत्ता द्वारा कथित तौर पर की गई जातिवादी टिप्पणी के बाद देश के कई राज्यों में दर्ज मुकदमों को एक जगह ट्रांसफर करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है.

इसे भी पढ़ें :12 वें मंत्री को लेकर झामुमो–कांग्रेस के टकराव पर मुख्यमंत्री ने लगाया विराम, बोर्ड-निगम और 20 सूत्री को लेकर सत्ताधारी दल में शीतयुद्ध जारी

हरियाणा में दर्ज मुकदमे पर जारी रहेगी कार्यवाही

जस्टिस हेमंत गुप्ता की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन पीठ ने मुनमुन दत्ता के खिलाफ महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश में दर्ज मुकदमों की कार्यवाही पर रोक लगा दी है. हालांकि हरियाणा में दर्ज मुकदमे पर कार्यवाही जारी रहेगी.

advt

बता दें कि मुनमुन दत्ता की ओर से पेश वकील ने पीठ से कहा कि उनकी मुवक्किल पश्चिम बंगाल से है और उसने जो ‘भंगी’ शब्द का कथित तौर पर इस्तेमाल किया था, वह बांगला भाषा में आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है. उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि वह शब्द ‘जातिवादी’ है.

इसे भी पढ़ें :रांची सहित चार शहरों में 1200 करोड़ खर्च कर हर घर में टैप से शुरू होगी जलापूर्ति

वकील ने कहा, अनजाने में हो गयी थी गलती

वकील ने कोर्ट को बताया कि मुनमुन दत्ता से अनजाने में यह गलती हो गई थी और गलती का एहसास होने के चंद घंटों के बाद ही उन्होंने सोशल मीडिया से वह पोस्ट वापस ले लिया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस शब्द का इस्तेमाल किया गया था, उसके बारे में सभी को मालूम है कि वह ‘जातिसूचक’ है.

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग दर्ज मुकदमों को एक जगह ट्रांसफर करने की मांग पर नोटिस जारी किया है. साथ ही कोर्ट ने महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश में दर्ज मुकदमों की कार्यवाही पर रोक लगा दी है. मुनमुन दत्ता के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

इसे भी पढ़ें :नियुक्ति वर्ष का हाल (1) : झारखंड में सिर्फ घोषणा, बिहार में हो रही बहाली

 

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: