Business

रिलायंस ने 24,713 करोड़ में खरीद लिया बिग बाजार, सौदे के बाद भी बना रहेगा फ्यूचर ग्रुप का ब्रांड !

New Delhi:  देश के सबसे धनी कारोबारी मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआइएल) की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) ने बिग बाजार चलाने वाले फ्यूचर ग्रुप को खरीद लिया है. हालांकि, इस सौदे के बाद भी बिग बाजार का अस्तित्व बने रहने के संकेत हैं.

इसे भी पढ़ेंः पांच फोन नंबर के CDR निकालने के मामले में IPS अनूप बिरथरे को शो-कॉज

बिक गया बिग बाजार

कंपनी द्वारा जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है, ‘रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआइएल) की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर लिमिटेड (आरआरवीएल) ने फ्यूचर समूह के खुदरा और थोक कारोबार तथा लॉजिस्टिक्स और भंडारण कारोबार के एकमुश्त 24,713 करोड़ रुपये के दाम में अधिग्रहण की घोषणा की.’

आरआरवीएल ने कहा कि इस अधिग्रहण योजना के तहत फ्यूचर समूह अपनी कुछ कंपनियों का विलय फ्यूचर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एफईएल) में कर रहा है. कंपनी ने बताया कि इस योजना के तहत फ्यूचर समूह के खुदरा और थोक कारोबार को आरआरवीएल की पूर्णस्वमित्व वाली कंपनी रिलायंस रिटेल एंड फैशन लाइफस्टाइल लिमिटेड (आरआरएफएलएल) को ट्रांसफर किया जाएगा. इसके अलावा लॉजिस्टिक्स और भंडारण कारोबार आरआरवीएल को ट्रांसफर किया जाएगा.

बना रहेगा बिग बाजार का अस्तित्व!

माना जा रहा है कि इस सौदे के बाद भी बिग बाजार का अस्तित्व बरकार रहेगा. आरआरवीएल की निदेशक ईशा अंबानी ने इसके संकेत दिये हैं. रिलायंस रिलेट वेंचर्स लिमिटेड की निदेशक ईशा अंबानी ने कहा, ‘इस सौदे के बाद भी फ्यूचर समूह के ब्रांड और फॉरमेट बरकरार रहेंगे. हमें भारत में आधुनिक खुदरा क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले फ्यूचर समूह के प्रसिद्ध प्रारूपों और ब्रांडों के साथ ही उसके व्यावसायिक ईको सिस्टम (परिवेश) को संरक्षित करने की खुशी है. हमें उम्मीद है कि छोटे व्यापारियों और किराना स्टोरों और बड़े उपभोक्ता ब्रांडों के साथ सक्रिय सहयोग से खुदरा कारोबार की वृद्धि जारी रहेगी. हम देश भर में अपने उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’

विज्ञप्ति के मुताबिक इस अधिग्रहण के लिए सेबी, एनसीएलटी, सीसीआई, शेयरधारकों और अन्य मंजूरियां ली जानी हैं.

फ्यूचर ग्रुप के समूह सीईओ किशोर बियानी ने कहा, ‘इस पुनर्गठन और लेनदेन के चलते, फ्यूचर समूह कोविड-19 महामारी और वृहद आर्थिक वातावरण के कारण पैदा हुई चुनौतियों का एक समग्र समाधान पा सकेगा. इस सौदे में अपने सभी अंशधारकों के हितों को ध्यान में रखा गया है, जिसमें ऋणदाता, शेयरधारक, लेनदार, आपूर्तिकर्ता और कर्मचारी शामिल हैं.’

adv

इसे भी पढ़ेंः Corona: 30 अगस्त को झारखंड में 1155 नये केस, 3 मौतें, राज्य का कुल आंकड़ा 38267

सब कुछ बिकता है बिग बाजार में

इस सौदे के जरिए रिलायंस रिटेल का अधिग्रहण करेगी, जो बिग बाजार की मालिक है. और बिग बाजार में किराना सामान से लेकर कॉस्मेटिक्स, ब्यूटी प्रोडक्ट और ड्रेसेस तक सभी तरह के उत्पादों की बिक्री करती है. इसके अलावा फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशंस का अधिग्रहण भी किया जाएगा. हालांकि, फ्यूचर समूह के वित्तीय एवं बीमा कारोबार इस सौदे का हिस्सा नहीं हैं.

फ्यूचर रिटेल 1,550 स्टोर का संचालन करता है और इसके प्रमुख ब्रांडों में बिग बाजार, एफबीबी, फूडहॉल, ईजीडे, हेरिटेज फ्रेश और डब्ल्यूएचस्मिथ हैं. फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशन 354 स्टोर का संचालन करता है.

रिलायंस और फ्यूचर रिटेल के इस सौदे से भारत के रिटेल सेक्टर में जंग तेज होगी. यहां अमेजन ने पहले ही 5.5 अरब अमरीकी डालर के निवेश का वादा किया है, जबकि वॉलमार्ट ने 2018 में 16 अरब अमरीकी डालर में ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट को खरीदा.

अमेजन की हिस्सेदारी स्पष्ट नहीं

अंबानी की कंपनी ने फ्यूचर रिटेल और फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशंस में पूरी प्रवर्तक हिस्सेदारी खरीद ली है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि फ्यूचर में अमेजन की हिस्सेदारी का क्या होता है. पिछले साल अगस्त में सिएटल स्थित अमेजन ने फ्यूचर कूपन्स लिमिटेड की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदकर फ्यूचर रिटेल में अप्रत्यक्ष रूप से 1.3 प्रतिशत हिस्सेदारी ली थी.

यह साझेदारी इस साल जनवरी में गहरी हुई, जब अमेजन फ्यूचर रिटेल के स्टोर के लिए अधिकृत ऑनलाइन बिक्री चैनल बन गया. रिलायंस को फ्यूचर एंटरप्राइजेज लिमिटेड के अल्पसंख्यक शेयरधारकों से 26 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने के लिए एक खुला प्रस्ताव देना पड़ सकता है.

विज्ञप्ति के मुताबिक आरआरएफएलएल विलय के बाद एफईएल में 6.09 प्रतिशत इक्विटी शेयर के अधिग्रहण के लिए 1,200 करोड़ रुपये निवेश करेगी. ये निवेश इक्विटी शेयरों के तरजीही निर्गम के जरिए किया जाएगा. इसके अलावा 400 करोड़ रुपये तरजीही आधार पर जारी शेयर वारंट में लगाए. इन वारंट को शेयर में परिवर्तित करने और इनके बकाया तीन चौथाई मूल्य को चुकाने के बाद आरआरएफएलएल के पास एफईएल की और 7.05 प्रतिशत हिस्सेदारी आ जाएगी.

इसे भी पढ़ेंः देश में 87 हजार हेल्थ वर्कर्स हुए कोरोना संक्रमित, 307 डॉक्टरों की मौत, IMA ने PM से की मांग- आश्रितों को सरकारी नौकरी मिले

advt
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button