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राफेल विवाद में उलझे रिलायंस एंटरटेनमेंट ने माना, ओलांद की पार्टनर को दिये थे 12 करोड़ 

राफेल विवाद के बीच अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस एंटरटेनमेंट ने इस बात को माना है कि कंपनी ने फ्रेंच फिल्म Tout La-Haut के बजट की 15 प्रतिशत राशि फायनेंस की थी.

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NewDelhi : राफेल विवाद के बीच अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस एंटरटेनमेंट ने इस बात को माना है कि कंपनी ने फ्रेंच फिल्म Tout La-Haut के बजट की 15 प्रतिशत राशि फायनेंस की थी. बता दें कि इसफिल्म की निर्माता जूली गाए फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांस़्वा ओलांद की पार्टनर हैं. कहा गया कि रिलायंस एंटरटेनमेंट ने अपनी एक सहयोगी, फ्रेंच फायनेंसिंग फर्म Visvires Capital के जरिए फिल्म के निर्माण को 1.48 मिलियन यूरो (12,60,18,270 रुपये) राशि का भुगतान किया. कंपनी ने जो बयान जारी किया है, उसके अनुसार, 20 दिसंबर, 2017 को फिल्म की रिलीज से सिर्फ दो सप्ताह पूर्व रिलायंस एंटरटेनमेंट ने पांच दिसंबर, 2017 को Visvires Capital को 1.48 मिलियन यूरो दिये थे. जान लें कि रिलांयस ग्रुप और Visvires Capital ने फिल्म के अलावा और भी कई मामलों में निवेश किये हैं. अंबानी के पुराने दोस़्त सिंगापुर में रहने वाले भारतीय मूल के फ्रेंच कारोबारी रवि विश्वनाथन ने VisVires Capital की स्थापना की थी.

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और पीएम मोदी और ओलांद ने 36 रफाल एयरक्राफ्ट की खरीद के एमओयू पर हस्ताक्षर किये

कंपनी के अनुसार रिलायंस एंटरटेनमेंट ने जूली गाए या उनकी कंपनी रूग इंटरनेशनल के साथ कोई समझौता नहीं किया है, न ही रिलायंस एंटरटेनमेंट की ओर से nOmber One फिल्म के संदर्भ में दोनों में किसी को कोई भुगतान किया गया है. फिल्म की घोषणा के समय उसका नाम nOmber One था, जो बाद में Tout La-Haut नाम संग रिलीज हुई. अनिल अंबानी की कंपनी के अनुसार उसे फिल्म के फ्रेंच निर्माता की ओर से लद्दाख के दुर्गम इलाकों में शूटिंग के लिए प्रोडक्‍शन सेवाएं देने हेतु 3 लाख यूरो का भुगतान किया गया. Tout La-Haut की शूटिंग फ्रांच के अलावा नेपाल और लद्दाख में हुई थी. द इंडियन एक्सप्रेस ने अगस्त में रिपोर्ट दी थी कि 24 जनवरी, 2016 को रिलायंस एंटरटेनमेंट ने घोषणा की थी कि उसने जूली गाए की फर्म, रूग इंटरनेशनल के साथ एक फ्रेंच फिल्म बनाने का समझौता किया है. इसके दो दिन बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ओलांद ने दिल़्ली में 36 रफाल एयरक्राफ्ट की खरीद के एमओयू पर हस्ताक्षर किये.

बता दें फ्रांस के वर्तमान राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को सौदे से यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि जब लड़ाकू जेट की खरीद के सौदे हुए थे तब वह सत्ता में नहीं थे. उन्होंने कहा कि इस मसले पर वह प्रधानमंत्री मोदी की बात मानेंगे. वह इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि फ्रांस्वा ओलांद के समय हुए राफेल सौदे में क्या फ्रांस को भारतीय साझेदार के तौर पर रिलायंस समूह को रखने के बारे में कहा गया था. उन्होंने कहा कि राफेल सौदा भारत के साथ व्यापक रणनीतिक संबंध का हिस्सा है और उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है.

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