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नियामक आयोग ने कहा- बिजली हर हाल में सस्ती हो, उपभोक्ता बोले- सोच समझ कर निर्णय लें

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  • विद्युत नियामक आयोग की ओर से टाटा पावर कंपनी लिमिटेड के लिए जनसुनवाई बुलायी गयी

Ranchi: बिजली दर हर हाल में सस्ती होनी चाहिए. उत्पादक कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कम से कम दर में उपभोक्ताओं को बिजली मिले. इसके लिए जरूरी है कि संसाधनों का सही इस्तेमाल करते हुए डिस्ट्रीब्यूटर्स को बिजली मुहैया करायी जाये.

ये बातें टाटा पावर कंपनी लिमिटेड की जनसुनवाई के दौरान नियामक आयोग के सदस्य रविंद्र नारायण सिंह ने कही. विद्युत नियामक आयोग की ओर से कंपनी के बिजली दरों और पूर्व के वार्षिक रिपोर्टों के लिए वर्चुअल सुनवाई बुलायी गयी.

रविंद्र नारायण सिंह ने कहा कि उत्पादक कंपनियां बाजार देखकर भी बिजली दर तय करें. सिर्फ पूर्व के परफॉर्मेंस और प्रगति के अनुसार बिजली दर तय नहीं हो सकती. बिजली दरों में उत्पादक कंपनियों की भूमिका अहम होती है, जिसका ध्यान रखा जाना चाहिए. सरकार की ओर से संसाधनों के कई स्कीम है, जिसका लाभ उठाया जा सकता है. इन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत बिजली दर उत्पादक कंपनियों की ओर से तय की जाती है.

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शक्ति स्कीम के कारण कम हुई दर

कंपनी की ओर से जनसुनवाई के दौरान वार्षिक ब्यौरा पेश किया. इस दौरान जानकारी दी गयी कि 50 से 55 पैसे बिजली दरों में कमी की जा सकती है. कंपनी की ओर जानकारी दी गयी कि 2019-20 के आर्थिक ब्यौरे का 20-21 के टैरिफ में कोई असर नहीं है.

चूंकि कंपनी से उत्पादित बिजली टाटा स्टील लिमिटेड और टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंडस्ट्रीयल लिमिटेड बिजली लेती है जिससे सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर इलाकों में बिजली आपूर्ति की जाती है. इस दौरान दोनों की डिस्ट्रीब्यूटर्स कंपनियों की ओर से कंपनी के कार्यों और टैरिफ पर आपत्तियां दर्ज की गयीं. वहीं सराहना भी की गयी.

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आयोग सोच समझ कर तय करे दर

इस दौरान उपभोक्ताओं की ओर से विद्युत नियामक आयोग से अपील की गयी कि पिटीशन पर सोच-समझ कर निर्णय लिया जाये. कंपनी की ओर से पहले दी गयी पिटीशन और जनसुनवाई में दी गयी जानकारी में कुछ बदलाव किये गये, जिसे कपंनी ने भी माना. ऐसे में आयोग को जांच परख कर ही दर निर्धारण करने की सलाह दी गयी.

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