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घोषणा के बावजूद खटाई में रूलर इंगेजमेंट पाठ्यक्रम, शिक्षा परिषद् ने दिया था शुरू करने का आदेश

रांची यूनिवर्सिटी के एकेडमिक काउंसिल को देनी थी स्वीकृति

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Ranchi : नए सत्र से रांची यूनिवर्सिटी की ओर से रूलर इंगेजमेंट पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई गई थी. इसके लिए पूर्व में यूनिवर्सिटी की ओर से कई बार रूलर इंगेजमेंट पाठ्यक्रम को लेकर घोषणा भी की गई. लेकिन वर्तमान में ऐसा नहीं हो पाया है. रांची यूनिवर्सिटी के एकेडमिक काउंसिल में रूलर इंगेजमेंट पाठ्यक्रम को अब तक स्वीकृति नहीं दी गई है.

जबकि इससे पहले महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद् हैदराबाद की ओर से यूनिवर्सिटी में पाठ्यक्रम को शुरू करने की अनुमति दे दी गई थी. 25 जनवरी को इस संबंध में महात्मा गांधी ग्रामीण शिक्षा परिषद् और यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागाध्यक्षों के साथ बैठक हुई थी. जिसमें रांची यूनिवर्सिटी के एकेडमिक काउंसिल से स्वीकृति मिलने के बाद इसे लागू करने की बात की गई थी.

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 अप्रैल तक प्रक्रिया पूरी होनी थी

इससे पहले यूनिवर्सिटी की ओर से कई बार रूलर इंगेजमेंट से संबधित प्रक्रियाएं अप्रैल माह तक पूरी हो जाने की बात की गई थी. वहीं जैक की ओर से भी इंटर का रिजल्ट जारी हो जाने से अब यूनिवर्सिटी की ओर से फॉर्म भी जल्द ही निकाल दिए जाएंगे. वहीं यूजीसी ने पहले ही एक अगस्त से नया सत्र शुरू करने का आदेश दिया है.

पाठ्यक्रम में उचित फैकल्टी के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का भी आयोजन भी किया जाना था. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद् की ओर से 20 फरवरी के बाद इसके लिए सात दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाना था. लेकिन यूनिवर्सिटी की ओर से इसपर कोई पहल नहीं की गई.

स्वयं सेवकों के बीच शुरू करना था कोर्स

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद् और यूनिवर्सिटी के बीच इस बात पर सहमति बनी थी कि साल 2019 के नए सत्र से इस पाठ्यक्रम को यूजी स्तर पर लागू किया जाएगा. इस कोर्स को विशेषकर स्वयं सेवकों के बीच लागू किया जाएगा.

ताकि छात्रों में ग्रामीण शिक्षा और सामुदायिक विकास की सोच को बढ़ावा दिया जा सकें. साथ ही इसकी सफलता के बाद ही इसे पीजी स्तर पर लागू किया जाना था. इसे एड ऑन या सब्सिडरी के रूप में लागू करने का आदेश परिषद् की ओर से दिया गया था.

स्वीकृति नहीं मिली है, प्रयासरत हैं

इस संबध में राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य समन्वयक डॉ ब्रजेश कुमार ने कहा कि यूनिवर्सिटी के एकेडमिक काउंसिल में स्वीकृति पेंडिंग है. साथ ही कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि इस साल से पाठ्यक्रम शुरू कर दिया जाएगा.

उन्होंने जानकारी दी कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद् हैदराबाद की ओर से पूर्व बैठक में ही पाठ्यक्रम शुरू करने का आदेश दिया गया था.

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