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पिछले तीन सालों में 48.39 लाख एमएसएमई का हुआ पंजीकरण

राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी ने मांगी थी जानकारी

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New Delhi/Ranchi: केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एम.एस.एम.ई.) मंत्रालय ने एमएसएमई के पंजीकरण हेतु उद्योग आधार ज्ञापन (यू.ए.एम.) पोर्टल सितंबर 2015 में लॉन्च किया था. इस पोर्टल से संबंधित जानकारी झारखंड से राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने मांगी थी. पोर्टल पर पिछले तीन सालों में कुल 48 लाख 39 हजार 549 एमएसएमई पंजीकृत हुए हैं. इनमें गुजरात के 4 लाख 86 हजार 80 और झारखण्ड के 97 हजार998 एमएसएमई शामिल हैं. केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरिराज सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा को सांसद परिमल नथवाणी द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी उपलब्ध करवाई.

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मंत्रीजी के निवेदन के अनुसार, यू.ए.एम. लॉन्च होने से पूर्व वर्ष 2013-14 और 2014-15 के दौरान 7.88 लाख एमएसएमई ने उद्यमी ज्ञापन दर्ज किए. उन्होंने बताया कि पिछले तीन सालों में देश में यू.ए.एम. पोर्टल पर 24 हजार 248 एमएसएमई के पंजीकरण रद्द् हुए हैं. इनसें गुजरात के और झारखण्ड के क्रमशः 25 और 927 पंजीकरण रद्द् हुए हैं.

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विभाग द्वारा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के पंजीकरण, एमएसएमई पंजीकरण के लाभ और सरकार द्वारा एमएसएमई पंजीकरण को बढ़ाने हेतु किए गए प्रयास के बारे में नथवाणी जानना चाहते थे. जिसके जानकारी देते हुए मंत्री गिरिराज सिंह ने बताया कि पंजीकृत एमएसएमई सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं जैसे एमएसई के लिए क्रेडिट गारंटी योजना, क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना, एमएसएमई के लिए लीन विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता योजना, सूक्ष्म और लघु उद्यम क्लस्टर विकास कार्यक्रम (एमएसई-सीडीपी), नवोन्मेष, ग्रामोद्योग और उद्यमिता संवर्धन की योजना (एस्पायर), पारंपरिक उद्योगों के पुनरूद्धार के लिए निधि की संशोधित योजना (स्फूर्ति), एमएसएमई के लिए डिज़ाइन क्लिनिक योजना, जेड प्रमाणन में एमएसएमई के लिए वित्तीय सहायता योजना इत्यादि और अन्य मंत्रालयों की योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं.

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इसके अलावा, यूएएम पोर्टल पर पंजीकृत एमएसएमई को निःशुल्क निविदा सैट, अग्रिम राशि के भुगतान से छूट, एमएसई को खरीद में प्राथमिकता, 358 उत्पाद केवल एमएसई से खरीदे जाने के लिए निर्धारित और पूर्व अनुभव, पूर्व टर्नओवर मापदण्ड के संदर्भ में छूट का लाभ भी मिलता है.

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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने यह भी बताया कि एमएसएमई क्षेत्र के महत्व को स्वीकार करते हुए, हाल ही के एक अध्यादेश द्वारा सरकार को दिवालियापन एवं ऋणशोधन अक्षमता कोड (इन्साल्वेंसी एण्ड बैंकरप्टसी कोड) के अंतर्गत एमएसएमई के लिए विशेष छूट प्रदान करने की शक्ति दी गई है. राज्य सरकारों और उद्योग संघ से यूएएम पोर्टल पर पंजीकरण बढ़ाने के लिए वार्ता, विडियो कॉन्फ्रेसिंग द्वारा पारस्परिक सत्र के माध्यम से अनुरोध किया गया है. इसके अलावे यूएएम में नामांकन के लिए विभिन्न राज्य स्तरीय कॉन्क्लेवों में हेल्पडेस्क की व्यवस्था भी की गई है.

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