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RRDA का बढ़ता दायराः कोल्हान, पलामू, संताल परगना और उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में बनेगा क्षेत्रीय विकास प्राधिकार

फिलहाल रांची में ही है क्षेत्रीय विकास प्राधिकार

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Deepak

Ranchi: सरकार ने शहरों की बढ़ोत्तरी को लेकर रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) का दायरा बढ़ाते हुए सभी प्रमंडलों में प्राधिकार गठित करने का फैसला लिया है. अब कोल्हान, पलामू, संताल परगना और उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में भी क्षेत्रीय विकास प्राधिकार बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. झारखंड क्षेत्रीय विकास प्राधिकार अधिनियम 1981 (अंगीकृत) में सरकार ने संशोधन कर उपरोक्त प्रमंडलों में क्षेत्रीय विकास प्राधिकार बनाने का निर्णय लिया है.

राज्य के छोटे-छोटे शहरों की जनसंख्या के आधार पर उन्हें सेंसस टाउन भी घोषित किया गया है, जिससे शहरीकरण में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है. राज्य सरकार का कहना है कि 2001 में झारखंड में 106 सेंसस टाउन थे. इनकी संख्या 2011 में बढ़कर 186 हो गयी है. 44 शहरी क्षेत्र स्थानीय शहरी निकाय राज्य भर में काम कर रहे हैं. शहरी निकायों में बाहरी भूमि की उपलब्ता और अन्य कारणों से निवेशकों की भी संख्या बढ़ रही है. इसलिए ऐसे क्षेत्रों में शहरी मूलभुत सुविधाएं विकसित करना जरूरी है. केंद्र सरकार के अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) के तहत राज्य भर में 11 सुधार कार्यक्रम चल रहा है. सुधार कार्यक्रम पूरा करने के बाद ही इस योजना के अंतर्गत 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि सरकार को मिल सकेगी.

कोल्हान क्षेत्रीय विकास प्राधिकार

कोल्हान क्षेत्रीय विकास प्राधिकार का दायरा नगर पंचायत के चार किलोमीटर और नगर निगम के पांच किलोमीटर की परिधि में होगा. इसमें पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा और पश्चिमी सिंहभूम जिला रहेगा. कोल्हान क्षेत्रीय विकास प्राधिकार का मुख्यालय जमशेदपुर होगा. कोल्हान क्षेत्रीय विकास प्राधिकार में मनोहरपुर, गुवा, बड़ाजामदा, नोवामुंडी, मेघाहातूबुरू, किरिबुरू, झिंकपानी, जगन्नाथपुर, दंगुवापसी, बागबेड़ा, हालुदबानी, साराजामदा, गधरा, छोटागोविंदपुर, घोड़ाबंधा, पुरहासा, घाटशिला, मुसाबनी, जादुगोड़ा, हालुदपुखूर, चांडिल, कोपाली, कांड्रा, छोटा गम्हरिया और सिनी के क्षेत्र शामिल किये गये हैं.

पलामू क्षेत्रीय विकास प्राधिकार

पलामू क्षेत्रीय विकास प्राधिकार के अंतर्गत पलामू, लातेहार और गढ़वा जिले आयेंगे. पलामू क्षेत्रीय विकास प्राधिकार का मुख्यालय मेदिनीनगर होगा. इसके विकास क्षेत्र में नगर पंचायत के चार किलोमीटर तक के क्षेत्र और नगर परिषद के पांच किलोमीटर तक के सेंसस टाउन क्षेत्र शामिल किये जायेंगे. इसमें सिंदुरिया, सतगांवा व हरिहरगंज, सुंदना, बारातोला, रमना, चैनपुर, शाहपुर, बरवाडीह, अलुआदिया, चंदवा को शामिल किया गया है.

संताल परगना क्षेत्रीय विकास प्राधिकार

संताल परगना क्षेत्रीय विकास प्राधिकार में छह जिलों को शामिल किया गया है. इसमें दुमका, देवघर, पाकुड़, साहेबगंज, गोड्डा और जामताड़ा के नगर पंचायत और नगर परिषद तथा नगर निगम के पांच किलोमीटर तक के क्षेत्र में आनेवाले सेंसस टाउन को लिया गया है. संताल परगना क्षेत्रीय विकास प्राधिकार का मुख्यालय दुमका होगा. प्राधिकार में रसिकपुर, दुधानी, पुराना दुमका, महगामा, सरौनी, कुमारपुर, संग्रामपुर, रघुनंदनपुर, बोरियो, बरहेट संताली, बरहेट बाजार, तीन पहाड़, पतरा, बरहरवा और करमाटांड़ को रखा गया है.

उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्रीय विकास प्राधिकार

उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्रीय विकास प्राधिकार के विकास क्षेत्र में धनबाद, चतरा, बोकारो, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह और रामगढ़ को शामिल किया गया है. झारखंड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार (माडा) धनबाद के क्षेत्र को छोड़ कर अन्य क्षेत्रों के नगर पंचायत क्षेत्र और नगर परिषद के सेंसस टाउन इसके अधीन होंगे. इसका मुख्यालय हजारीबाग होगा. प्राधिकार में हरिहरपुर, तोपचांची, गोमो, गुंघासा, माटीगढ़ा, नंदखरकी, भूम कनारी, मधुबन, बरोरा, डुमरा, हरीना, मुराडीह, राजभीठा, महीडीह, खरखरी, शनीडीह, मलखेरा, नगड़ीकलां, भौवा कलां, फुलवाटांड़, झिंगीपहाड़ी, महुदा, गोविंदपुर, करमाटांड़, जंगलपुर, पोंदरकनाली, सियालगुदरी, अराईगोरिया, संसीखारा, बरदूभी, अलगडीहा, सौरंगा, बलियापुर, भामल, पनरा, निरसा, मरमा, एगरकुंड, सियूबां, मेरा, मैथन, पंचमाहाली, दुमारकौंदा, पंचेत, बेकोबर, करमा, डोमचांच, बचरा, धनवार, तेलोडीह, सिरसा, महेश मुंडी, अकदोनी खुर्द,

पारातदीन, पर्तोडीह, इसरी, जामताड़ा, बरकी सरैया, चौपारन, बरही, कोनरा, विशुनगढ़, चेरा, मेरू, मराईकलान, ओकनी-1, पलवा, मसरातु, कदमा नं-2, उरीमारी, चरही, दारी, रेलीगढ़ा, गिद्दी, तेलो, भंडरा, नारा, चंद्रपुरा, तरमी, बरसेरा, सिजुआ, दुगधा, बोकारो, कुरपनिया, बेरमो, जरीडीह बाजार, गोमिया, हसीर, ललपनिया, साड़म, तेनुडैम, बंधडीह, जेना, टांड़ बालीडीह, बंदघोड़ा, अमलाबाद, भौजूडीह, पतरातू, सौंदा, जयनगर, हेसला, भुरकुंडा, मांडू, तापीन, बारूघुटू, केडिया, आरा, कुजू, तोपा, सानरी-तिलैया, सेओता, सिरका, मरार, सेवाल, चितरपुर को शामिल किया गया है.

आरआरडीए के क्षेत्र में भी होगी बढ़ोत्तरी

सरकार की तरफ से रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार का दायरा भी रांची से बढ़ा कर गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा और खूंटी तक कर दिया गया है. रांची नगर निगम के पांच किलोमीटर की परिधि को छोड़ कर अन्य जिलों के नगर परिषद और नगर पंचायत के क्षेत्र इसमें शामिल किये गये हैं. आरआरडीए में विश्रामपुर, चुरी, राय, खलारी, कांके अरसंडे, इरबा, मुरी, टाटी, आरा, बरगांवां, रातू, टुंडूल, तोरपा, घाघरा, टोंटो को शामिल किया गया है.

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