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JSSC से होगी विवि में कर्मचारियों की नियुक्ति, पद सत्यापन की कार्यवाही शुरू

Ranchi : राज्य के सात स्टेट यूनिवर्सिटी न केवल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं बल्कि तृतीय वर्गीय कर्मचारियों की भी काफी कमी है. इस कमी को दूर करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. राज्य के स्टेट यूनिवर्सिटी में कर्मियों की नियुक्ति पहली बार जेएसएससी के माध्यम से की जायेगी. जेएसएससी को विवि में खाली पदों की जानकारी दी जा सके इसके लिए तृतीय वर्गीय कर्मचारियों के पदों के सत्यापन का काम चल रहा है. पद की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसका आरक्षण रोस्टर क्लीयर कराया जायेगा.

 

प्रोफेसर नियुक्ति के लिए भी हो रहा आरक्षण रोस्टर क्लियर

उच्च शिक्षा निदेशक ए. मुत्थुकुमार के अनुसार विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर तथा असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की तैयारी है. इसे लेकर आरक्षण रोस्टर क्लीयर करने का काम किया जा रहा है. आरक्षण रोस्टर पर कार्मिक विभाग से स्वीकृति लिया जायेगा. स्वीकृति मिलते ही सभी पदों का प्रस्ताव कार्मिक विभाग को भेज दिया जायेगा. इधर, कॉलेजों में प्राचार्यों की नियुक्ति के लिए भी आरक्षण रोस्टर क्लीयर करने को लेकर सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिये गये हैं.

 

जेएसएससी से नियुक्ति का हो चुका है विरोध

Sanjeevani

सितंबर 2020 के पहले सप्ताह में पत्र के माध्यम से विभाग ने कुलपतियों को बताया कि अब तृतीय और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की नियुक्ति झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से की जायेगी. विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव शैलेश कुमार सिंह ने कुलपतियों से कहा कि विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति के लिए परिनियम गठित है. लेकिन विश्वविद्यालयों द्वारा परिनियम गठित किये जाने के पांच वर्ष बाद भी नियुक्ति नहीं की जा सकी है. हांलाकि इस तरह से नियुक्ति किये जाने का सभी विवि में विरोध हो चुका है. विरोध करने के पीछे का तर्क यह है कि विश्वविद्यालय एक्ट में कर्मचारियों की नियुक्ति का अधिकार विवि प्रशासन को दिया गया है.

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