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मंदी का असरः पिछले 20 सालों के सबसे खराब स्थिति में ऑटो सेक्टर, उबरने के लिए वाहनों पर भारी छूट

डीलर्स पर पुराने स्टॉक को बेचने का दबाव, सुजुकी इंडिया, ह्यूंडे और होंडा की गाड़ियों में भारी छूट

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New Delhi: ऑटो सेक्टर मंदी की मार से बुरी तरह से प्रभावित है. लगातार घटती मांग ने डीलर्स की चिंता बढ़ा दी. कार और बाइकों की बिक्री पिछले दो दशक के सबसे निचले स्तर पर हैं.

जबकि, डीलर्स के पास गाड़ियों का बड़ा स्टॉक बचा हुआ है. ऐसे मंद बाजार में बिक्री को बढ़ाने के लिए कार निर्माता बहुत सारे मॉडल्स पर बड़े डिस्काउंट दे रहे हैं.

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गाड़ी खरीदने का अच्छा मौका

ऐसे में अगर आप कोई गाड़ी लेने का प्लान कर रहे हैं, तो कंपनियों के इस कदम से ये साफ है कि यह नई गाड़ी खरीदने का सबसे बढ़िया वक्त है.

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हालांकि, लगातार घाटे में चल रही ऑटो इंडस्ट्री डिमांड को बढ़ावा देने के लिए सरकार से ऑटोमोबाइल प्रोडक्ट पर जीएसटी में छूट देने की मांग कर रही है.

जानकारों का कहना हैं कि अगर ग्राहक जीएसटी में कटौती के इंतजार रहते हैं तो भी कीमतों पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला है. वाहन कमोवेश उसी कीमत पर मिलेंगी, जितना डिस्काउंट के तहत ऑफर की जा रही हैं.

दरअसल, किसी जीएसटी कटौती की स्थिति में कंपनियां इसका लाभ ग्राहकों को जरूर देंगी लेकिन तब डिस्काउंट में कटौती की जाएगी. ऐसे में ग्राहकों को फिलवक्त मिल रहे बड़े डिस्काउंट के तहत ही गाड़ी खरीदने का अच्छा मौका है.

गाड़ियों के ‘कबाड़’ बनने का डर

मंदी के साथ-साथ डीलर्स और कंपनियों पर एक और बड़ी समस्या मंडरा रही है. दरअसल, उन पर पहले के स्टॉक को 6 महीने में बेचने का दबाव है. क्योंकि छह महीने के बाद BS-VI प्रदूषण मानक लागू हो जाएंगे.

और इस मानक के लागू हो जाने के बाद मार्च 31 2020 के बाद से कार निर्माता कंपनियां वर्तमान BS-IV मानक वाली गाड़ियां नहीं बेच पायेगे.

इसका मतलब ये है कि अगर वर्तमान स्टॉक नहीं बिका तो वे फिर ये गाड़ियां कबाड़ बन जायेंगी और कंपनी के लिए बेकार हो जायेंगी. डिमांड बढ़ाने की नीयत से बाजार में मारुति सुजुकी इंडिया, ह्यूंडे और होंडा की गाड़ियों पर भारी छूट चल रही है.

सुजुकी इंडिया, ह्यूंडे और होंडा पर भारी ऑफर

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मारुति सुजुकी इंडिया अपने मशहूर मॉडल डिजायर पर 50,000 रुपये का सीधा कैश डिस्काउंट ऑफर कर रही है. इसके साथ एक्सचेंज बोनस, फ्री इंश्योरेंस, एक्सेसरीज जैसे दूसरे फायदों को जोड़ दें तो यह छूट 70 हजार रुपये की हो जाती है.

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इस कार के पेट्रोल वेरिएंट की एक्स शोरूम कीमत 5.9 लाख रुपये से शुरू होती है, जो अब कई डीलरशिप पर 5.30 लाख के एक्स शोरूम प्राइस पर उपलब्ध है. वहीं, डीजल वेरिएंट पर 70 हजार रुपये की छूट मिल रही है.

मारुति के कॉम्पैक्ट हैचबैक स्विफ्ट के डीजल वेरिएंट फिलहाल 43 हजार रुपये के डिस्काउंट पर बेची जा रही है. कुल बेनिफिट्स के साथ यह छूट 68,000 हजार रुपये की हो जाती है.

वहीं स्फिट अब 6.5 lakh के एक्स शोरूम की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध है. जबकि पहले इसकी शुरुआती कीमत 7 लाख रुपये थी.

मारुति सुजुकी इंडिया के दूसरे मॉडल्स मसलन बलेनो और विटारा ब्रेजा में 40 से 60 हजार रुपये का ऑफर चल रहा है. कार मेकर Hyundai भी करीब 60 हजार रुपये का कैश बेनिफिट i10 और Xcent जैसे मॉडलों पर दे रही है.

SBIने डीलर्स के लिए कर्ज चुकाने की अवधि बढ़ायी

इधर एसबीआई ने मांग में कमी का सामना कर रहे वाहन डीलरों के कर्ज चुकाने की अवधि बढ़ा दी है. एसबीआई के प्रबंध निदेशक (खुदरा एवं डिजिटल बैंकिंग) पीके गुप्ता ने रविवार को इसकी जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि, ‘हम वाहन डीलरों से लगातार बात कर रहे हैं और दिक्कत की स्थिति में बैंक कई मामलों में ऋण भुगतान के लिए समय बढ़ा रहा है.’ उन्होंने कहा कि आम तौर पर ऋण भुगतान की अवधि 60 दिन की होती है लेकिन बैंक ने इसे बढ़ाकर 75 दिन और कुछ मामलों में 90 दिन कर दिया है.

गुप्ता ने कहा, ‘बैंक के तौर पर हमारा ध्यान केवल वित्तीय पक्ष पर रहता है. हमारा मुख्य ध्यान कार खरीदारों सस्ती दर पर कर्ज उपलब्ध कराना है. हम विनिर्माता से कार खरीदने वाले डीलर को भी ऋण उपलब्ध कराते हैं. पर जहां तक मांग में वृद्धि लाने का पहलू है, इस दिशा में कदम केवल सरकार हस्तक्षेप कर सकती है.’

गुप्ता ने कहा कि हाल के महीनों में विभिन्न वजहों से वाहनों के लिए बैंकों से ऋण लिये जाने में कमी आई है.

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