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हाल एचईसी में कार्यरत अनुबंधकर्मियों का: न नौकरी पक्की हुई, न मिल रही है सुविधा

Ranchi: एचईसी में वर्षों से कार्यरत अनुबंधकर्मियों का हाल बेहाल है. एचईसी प्रबंधन की ओर से कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत कर्मियों को ग्रेच्युटी, ईएल, मेडिकल आदि की सुविधा नहीं मिलती है. एचईसी में 20-25 साल की सेवा पूरी करने वाले कांट्रैक्टकर्मियों की सेवा नियमितीकरण भी नहीं की जाती है. तकनीकी रूप से दक्ष अनुभवी सप्लाई कर्मियों को एचईसी में सेवाएं नियमित करने को लेकर कई बार अनुबंधकर्मियों की ओर से मांगे उठायी गई, लेकिन इस संदर्भ में प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की.

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इस संबंध में एचईसी सप्लाई संघर्ष समिति के अध्यक्ष व श्रमिक नेता दिलीप सिंह ने बताया कि सप्लाई कामगार अपनी मेहनत से एचईसी के उत्पादन लक्ष्य को हासिल करने में जुटे रहते हैं, लेकिन उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद ग्रेच्युटी, मेडिकल, ईएल आदि सहित अन्य सुविधाओं से वंचित रखा जाता है.

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श्री सिंह ने बताया कि कई तकनीकी कामगारों की ओर से प्रबंधन से सेवा नियमितीकरण को लेकर अनुरोध किया गया, लेकिन प्रबंधन ने उनकी सेवा नियमित नहीं की. यही नहीं, श्रमिक संगठन हटिया कामगार यूनियन के अध्यक्ष लालदेव सिंह की ओर से भी समय-समय पर अनुबंध कर्मियों की मांगों को लेकर प्रबंधन का ध्यान आकृष्ट कराया गया. पर कुछ नहीं हुआ.

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38 वर्ष तक सेवाएं, पर कुछ नहीं मिला:

एचईसी में अनुबंध पर कार्यरत एक सप्लाई कामगार ने बताया कि उन्होंने 38 वर्ष तक अपनी सेवाएं एचईसी में दी. सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें न तो ग्रेच्युटी का भुगतान किया जा रहा है, और न ही चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है. यही नहीं, एचईसी के अनुबंध कर्मियों का वेतन भुगतान भी अनियमित है. दो-तीन महीने पर उन्हें वेतन का भुगतान किया जाता है. रिटायरमेंट के बाद ग्रेच्युटी नहीं दिए जाने को लेकर कई बार एचईसी सप्लाई संघर्ष समिति और अन्य श्रमिक संगठनों की ओर से भी प्रबंधन पर दबाव दिया गया. लेकिन प्रबंधन की कानों पर जूं नहीं रेंग रहा है.

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एचईसी में अनुबंध कर्मियों की संख्या चार हजार:

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एचईसी में अनुबंध पर कार्यरत कर्मियों की संख्या (तीनों प्लांटों और एचईसी के विभिन्न विभागों को मिलाकर) लगभग चार हजार है. वहीं, एचईसी के स्थाई कर्मियों जिसमें मजदूर से लेकर शीर्ष अधिकारी तक शामिल हैं, लगभग 15 सौ बतायी जाती है.

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एचईसी सप्लाई संघर्ष समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह ने बताया कि मैन पावर की कमी से प्रबंधन जूझ रहा है. वहीं, एचईसी में कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत मजदूरों के भरोसे ही एचईसी का उत्पादन लक्ष्य निर्भर करता है. एचईसी के कांट्रैक्ट कर्मी उत्पादन बढ़ाने और औद्योगिक माहौल बनाए रखने में भरपूर सहयोग करते हैं. बावजूद इसके उन्हें बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा जाता है.

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