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पढ़िये, आईपीएस अधिकारी अनीश गुप्ता ने कैसे दबोचा था 45 लाख के इनामी नक्सली संदीप को, अब मिलेगा वीरता पुलिस पदक

चाईबासा में बतौर एसपी रहते हुए इस वीरतापूर्ण कार्य को दिया था अंजाम

Ranchi : गणतंत्र दिवस के मौके पर आईपीएस अधिकारी अनीश गुप्ता समेत 38 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा. कमांडर मोतीलाल सोरेन उर्फ संदीप दा को गिरफ्तार करने के दौरान साहस दिखाने के लिए अनीश गुप्ता को वीरता पदक से सम्मानित किया जा रहा है. अनीश गुप्ता फिलहाल जैप एक के कमांडेंट हैं. तब वह चाईबासा एसपी के तौर पर कार्यरत थे.

 

पश्चिम सिंहभूम पुलिस ने तीन नवंबर 2017 को सैकड़ों लोगों की भीड़ के बीच से जेटिया थाना क्षेत्र के लतार कुंदरीझोर में आयोजित फुटबॉल मैच के दौरान संदीप दा को गिरफ्तार किया था. पुलिस टीम का नेतृत्व खुद एसपी अनीश गुप्ता कर रहे थे. संदीप संबलपुर-देवगढ़-सुंदरगढ़ डिवीजन की बुंडु-चांडिल सब जोन तथा साउथ छोटानागपुर जोन के बीच की मुख्य कड़ी था. संदीप से यूएस निर्मित 9 एमएम की एक विदेशी पिस्तौल, 9 एमएम का पांच जिदा कारतूस तथा उसकी निशानदेही पर छह एचई बम (हाई एक्टप्लोसिव बम) भी बरामद किया गया था. संदीप के खिलाफ कई  मामले दर्ज हैं.

 

अनीश गुप्ता ने बताया इसकी जानकारी थी कि वो मैच देखने आने वाला हैं. चाईबासा पुलिस अपने नौ लोगों की टीम बनाकर आम गांववालों की तरह मैदान पहुंची थी. संदीप दा वहां पहले से मौजूद थे. संदीप को पुलिस के पहुंचने की भनक लग गई थी. भीड़ का फायदा उठाकर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सटीक रणनीति के तहत वह पकड़ा गया.

 

संदीप की इससे पूर्व भी गिरफ्तारी हुई थी. संदीप 16 जनवरी 2011 को चाईबासा जेल ब्रेक कर चुका है. उस वक्त वह अपने साथ धीरेन उर्फ उत्तम तथा रघुनाथ हेंब्रम को जेल के सेल की खिड़की का रॉड काटकर भगा ले गया था. नक्सली संदीप 45 लाख का इनामी था.

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