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आरडीबीए के महासचिव ने बेल बांड, शपथ पत्र की बिक्री पर लगायी रोक

Ranchi : रांची जिला बार एसोसिएशन (आरडीबीए) के नव निर्वाचित महासचिव संजय कुमार विद्रोही ने सोमवार से बार एसोसिएशन की ओर से बेचे जानेवाले शपथ पत्र टिकट, बेल बांड, वकालतनामा, इनरोलमेंट फार्म सहित सभी अन्य दस्तावेज की बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक नये एकाउंटेंट और लिपिक की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक एसोसिएशन की ओर से कोई विक्रय कार्य नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि पैसे के मामले में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता, क्योंकि एडहॉक कमेटी में क्या हुआ है. यह सभी को पता है. उन्होंने बताया कि ट्रेजर्र हैं लेकिन उसका काम एकाऊंटेंसी करना नहीं बल्कि उसका देखभाल करना है.

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ऐसे में एकाउंटेंट और लिपिक की नियुक्ति के लिए 25 नवंबर को आमसभा की बैठक का आयोजन किया गया है, जहां पर सभी सदस्यों के साथ इस विचार-विमर्श करने के बाद फैसला लिया जायेगा.

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इसके साथ ही सत्र 2019- 2021 व एडहॉक कमिटी के कार्यकाल के दौरान हुए घोटाले पर गंभीरता पूर्वक विचार किया जायेगा.

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बार एसोसिएशन को रोजाना दो लाख रुपये का नुकसान हो रहा है

महासचिव संजय कुमार विद्रोही ने बताया कि बार एसोसिएशन को रोजाना करीब दो लाख रुपये की कमाई होती है. इससे बार एसोसिएशन का खर्चा चलता है.

उन्होंने पिछली एडहॉक कमेटी में 19 लाख रुपये से ज्यादा के गबन को देखते हुए पारदर्शिता लाने के लिए एकाउंटेंट और लिपिक की नयी नियुक्ति करने का प्रयास किया, लेकिन इसके लिए नव निर्वाचित सभी सदस्यों को बैठक कर आम सहमति देनी चाहिए थी.

उन्होंने अध्यक्ष की सहमति से बैठक बुलायी और सभी को इसकी सूचना भी दी, लेकिन आधे सदस्य इसमें शामिल नहीं हुए. इसकी वजह से नियुक्ति पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका.

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वकीलों का डेथ क्लेम भी फंसा

उन्होंने बताया कि रांची जिला बार एसोसिएशन के करीब 35 अधिवक्ताओं का कोरोना काल में निधन हो गया है. उनको करीब पांच लाख रुपये डेथ क्लेम के रूप में मिलते हैं.

लेकिन नयी कमेटी में दो गुट होने का खामियाजा दिवंगत अधिवक्ताओं के परिवारवाले भुगत रहे हैं. कमेटी की सहमति के बिना कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिया जा सकता है.

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