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आरबीआई ने लोन डिफॉल्टर्स कंपनियों से जुड़ी जानकारियां सेबी को देने से मना किया

आरबीआई ने सेबी को झटका देते हुए नॉन-परफॉर्मिंग असेट्स और लोन डिफॉल्टर्स से जुड़ी जानकारियां देने से मना कर दिया है. 

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Mumbai : आरबीआई ने सेबी को झटका देते हुए नॉन-परफॉर्मिंग असेट्स और लोन डिफॉल्टर्स से जुड़ी जानकारियां देने से मना कर दिया है.  सूत्रों के अनुसार सालभर में सेबी ने इस संबंध में कम से कम दो बार आरबीआई से आधिकारिक अनुरोध किया है.  खबरों के अनुसार सेबी ने यह जानकारी कुछ मामलों की जांच में सबूत के तौर पर मांगी थी.  मामले बहुत ज्यादा कर्ज से लदी एक कंपनी के डिसक्लोजर के मोर्चे पर गड़बड़ करने, एक प्रमुख प्राइवेट बैंक में कॉरपोरेट गवर्नेंस का उल्लंघन करने और एक अन्य प्राइवेट बैंक में इनसाइडर ट्रेडिंग से जुड़े थे. बता दें कि इससे पूर्व सेंट्रल विजिलेंस कमिशन बड़े लोन डिफॉल्टर्स की सूची SC के आदेश के बावजूद मुहैया न कराने पर आरबीआई को नोटिस भेज चुका है.  सेबी अभी उन मामलों पर काम कर रही है, जिनमें एनपीए के कुछ खास अकाउंट्स से जुड़ी डीटेल्स एक अहम सबूत हो सकती हैं.  एक मामला था, जिसमें एक कंपनी ने यह नहीं बताया था कि उसने अपने एक लोन रीपेमेंट पर डिफॉल्ट कर दिया था.  एक अन्य मामले में सेबी यह जांच कर रही है कि एक निजी बैंक के एनपीए में तेज उछाल से ऐन पहले इनसाइडर ट्रेडिंग हुई थी या नहीं.

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जानकारी साझा की गयी तो कई कंपनियों के बिजनेस पर बुरा असर पड़ सकता है

जानकारी के अनुसार सामान्यत: आरबीआई और सेबी के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान बड़े पैमाने पर होता है,  क्योंकि डेट मार्केट, फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर और लिस्टेड बैंकों की निगरानी जैसे कई मामलों में उनके अधिकार क्षेत्र ओवरलैप करते हैं. जानकार सूत्रों के अनुसार सूचनाओं का आदान प्रदान आराम से चलता है और आरबीआई से अनुरोध करने के दो हफ्तों के भीतर सेबी को जानकारी मिल जाया करती है.  लेकिन इस बार सेबी का यह  अनुरोध आरबीआई ने जानकारी के संवेदनशील होने के कारण ठुकरा दिया. बताया जा रहा है कि आरबीआई ने सेबी से कहा है कि अगर यह जानकारी साझा की गयी तो इस लिस्ट में शामिल कई कंपनियों के बिजनस पर बुरा असर पड़ सकता है.

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