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RANCHI: रातू रोड फोर लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का रास्ता साफ, दो महीने के भीतर टेंडर

400 करोड़ आयेगी लागत, नवंबर में शुरू होगा काम

Nikhil Kumar

Ranchi: रातू रोड एलिवेटेड रोड के निर्माण का रास्ता अब लगभग साफ हो गया है. नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस बहुप्रतीक्षित एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए नये सिरे से तैयार प्रस्ताव को तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी है. भारत सरकार की मंजूरी मिलते ही इसका टेंडर आगामी दो महीने के भीतर हो जाने की संभावना है.

इस बार के प्रस्ताव में इसकी लागत दोगुनी से अधिक बढ़कर 400 करोड़ तक पहुंच गयी है. एनएचआइ के इंजीनियरों के अनुसार लागत में बढ़ोतरी की बड़ी वजह प्रोजेक्ट में देरी और नये सिरे से डिजाइन में संशोधन है.

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नये डिजाइन में रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर फोरलेन बनेगा. पूर्व के प्रस्ताव में इस कॉरिडोर को तीन लेन बनाना था. इसके लिए न के बराबर जमीन अधिग्रहण की जरूरत थी. 1.31 एकड़ ही जमीन लेनी थी.

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पर अब नये सिरे से प्रस्ताव में रातू रोड एलिवेटेड रोड (फोरलेन फ्लाईओवर) का निर्माण कचहरी से रातू रोड चौराहा होते हुए पिस्का मोड़ के आगे सर्ड कार्यालय के समीप तक होगा.

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जुड़ेंगे दो नेशनल हाइवे

इस कॉरिडोर को लगभग तीन किमी बनाया जायेगा. इसका एक हिस्सा पिस्का मोड़ चौक से इटकी रोड की तरफ भी जायेगा. इटकी रोड में कुछ दूरी में जाकर कॉरिडोर को सड़क से मिलाया जायेगा.

ऐसे में फ्लाईओवर बनने के बाद एनएच 75 के रातू-पंडरा से आने वाले वाहन व एनएच 23 के इटकी रोड-बेड़ो की तरफ से आने वाले वाहन सीधे एलिवेटेड कॉरिडोर में चढ़कर रातू रोड पार करते हुए कचहरी-मेन रोड की ओर जा सकेंगे.

इसी साल काम अवार्ड होने की उम्मीद

रातू रोड एलिवेटेड रोड निर्माण का काम इसी साल शुरू होने की उम्मीद है. एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार से जल्द इसके प्रस्ताव पर स्वीकृति मिलने की संभावना है.

वहां से मंजूरी मिलने के तुरंत बाद इसके निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी. दिसंबर तक इसका निर्माण शुरू किया जा सकता है. इसके पूर्व आवश्यक जमीन लेने की प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी. 18 माह में बनाये जाने का लक्ष्य रखा जायेगा.

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केंद्र की क्वेरी को दूर किया गया

केंद्रीय पथ परिवहन राजमार्ग मंत्रालय ने इस एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण के लिए कई जरूरी सवाल किये थे. सड़क निर्माण से जुड़ी बाधाओं को बारे में पूछा था. एनएचएआई झारखंड ने इससे संबंधित सारे प्रश्नों के जवाब भारत सरकार को दिये हैं. इंजीनियरों ने बताया कि यहां के जवाब से केंद्रीय मंत्रालय संतुष्ट है.

एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा तो मिलेगी जाम से मुक्ति

एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से रातू रोड इलाके के लिए लाखों लोगों को काफी फायदा होगा. रोजाना हजारों गाड़ियां इस मार्ग से चलती हैं. शहर का यह व्यस्ततम क्षेत्र भी है. ऐसे में कॉरिडोर के बनने से लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी.

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चार सालों से बनाने का चल रहा प्रस्ताव

चार वर्षों से रातू रोड फ्लाईओवर कागजों पर ही बन रहा, सुधर रहा है. हरमू पुल निर्माण की योजना को लेकर यह रातू रोड के ब्रिज काम लटका तो कभी राजभवन के द्वारा जमीन नहीं दिये जाने की वजह से इसक काम अटका. एनएचएचआई ने 2017 में ही इसके निर्माण की योजना तैयार की थी.

इससे पहले रातू रोड को फोरलेन की योजना थी, लेकिन इसे स्थगित कर फ्लाईओवर बनाना तय हुआ. चार लेन का ब्रिज का प्रस्ताव बना. पर स्थानीय लोगों के विरोध के बाद और विधायक सीपी सिंह की पहल पर इसे तीन लेन बनाने की योजना बनायी गयी.

इस बीच हरमू पुल बनाने का प्रस्ताव आ गया और रातू रोड चौराहे में दोनों पुल के टकराने की वजह से वहां रोटरी बनाने की योजना बनी पर इसमें भी सहमति नहीं मिली .

बाद में हरमू रोड में बनने वाले पुल का स्थानीय लोगों की विरोध के वजह से वर्तमान सरकार ने इस प्रोजेक्ट को स्थगित कर दिया और सिर्फ रातू रोड फ्लाइओवर बनाने की स्वीकृति दी.

उस वक्त इस पुल को लगभग 225 करोड़ में बनाने की योजना थी, लेकिन प्रोजेक्ट में देरी और डिजाइन में संशोधन की वजह से यह अब 400 करोड़ में बनेगा.

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