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रतन टाटा ने तेलंगाना सरकार और मुख्‍यमंत्री केसीआर को दी बधाई, कही ये बात

News Wing Desk

Jamshedpur : टाटा संस के चेयरमैन एमेरिटस और टाटा ट्रस्‍ट के अध्‍यक्ष रतन टाटा ने खास वजह से  तेलंगाना सरकार और तेलंगाना में मुख्‍यमंत्री को बधाई दी है. अपने आध‍िकारि‍क ट्व‍िटर हैंडल से रतन टाटा ने ट्वीट कि‍या- तेलंगाना सरकार और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव को हैदराबाद में अपनी नई टी-हब सुविधा के लिए बधाई, जो भारतीय स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को काफी बढ़ावा देगा.
दरअसल, भारतीय स्‍टार्टअप को बढ़ावा देने की द‍िशा में तेलंंगाना सरकार ने क्रांत‍िकारी कदम उठाये हैं. इस कदम के ल‍िए रतन टाटा जैसी हस्‍ती की ओर से बधाई तो बनती है. तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव 28 जून मंगलवार को नई टी-हब सुविधा का उदघाटन हैदराबाद के आईटी कॉरिडोर में करनेवाले हैं. 25 भारतीय यूनिकॉर्न के संस्थापक और 30 सबसे बड़ी उद्यम पूंजीपति फर्मों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में भाग लेंगे जहां टी-हब के कुछ सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप को सम्मानित किया जाएगा. देश की सबसे बड़ी साधारण कैंटिलीवर संरचना मानी जाने वाली नई सुविधा लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई है. 10 मंजिला इमारत 3,70,000 वर्ग फुट में फैली हुई है और इसकी छत के नीचे 4,000 से अधिक स्टार्टअप हैं.

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2015 में स्टार्टअप इनक्यूबेटर के रूप में हुई थी शुरुआत
टी-हब (प्रौद्योगिकी हब के लिए छोटा),जो राज्य सरकार और आईआईआईटी-हैदराबाद, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस और एनएएलएसएआर जैसी संस्थानों के बीच एक साझेदारी में 2015 में स्टार्टअप इनक्यूबेटर के रूप में शुरू हुआ था. अब खुद को फिर से तैयार किया है. अपने छह वर्षों के सफर में टी-हब ने 1,100 स्टार्टअप का समर्थन किया है और बाजार से 10,000 करोड़ रुपये जुटाने में मदद की है. तीन यूनिकॉर्न और आठ यूनिकॉर्न को अब तक सक्षम किया है. पांच गुना बड़ी नई सुविधा में उद्यम पूंजीपति फर्मों को समर्पित एक पूरी मंजिल होगी. सरकार का कहना है क‍ि उनके यहां बहुत अच्छे स्टार्टअप हैं लेकिन दुर्भाग्य से वीसी कंपनियां सभी अन्य शहरों से बाहर थीं. हम एक पूरी मंजिल को अलग रखकर इस अंतर को पाट रहे हैं जहां कोई भी वीसी कंपनी एक कार्यालय स्थापित कर सकती है और जगह का मुफ्त उपयोग कर सकती है. यह हमेशा के लिए है.

एक वर्ष में दो हजार स्‍टार्टअप्‍स के समर्थन का लक्ष्‍य
तेलंगाना के प्रमुख सचिव, आईटी, उद्योग और वाणिज्य जयेश रंजन ने कहा क‍ि टी-हब में एक वर्ष में कम से कम 2000 स्टार्टअप्स का समर्थन करना चाहते हैं. हम ओडिशा में ओ-हब के साथ अन्य राज्यों में विस्तार कर रहे हैं. हम मध्य एशिया में टी-हब जैसी सुविधाओं के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जा रहे हैं, जिसे स्थापित करने में हम मदद करेंगे. हम जल्द ही अपने पूर्व के देश के साथ अपनी साझेदारी की घोषणा करेंगे.  टी-हब ने एक वर्ष में तेलंगाना के पांच जिलों में अपने क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने के लिए एक वर्ष का लक्ष्य रखा है. ये केंद्र महबूबनगर, वारंगल, निजामाबाद, करीमनगर और खम्मम में खुलेंगे. हब-एंड-स्पोक मॉडल पर ये केंद्र ग्रामीण युवाओं को अवसर प्रदान करने के लिए टी-हब मुख्यालय के समान प्रक्रिया का पालन करेंगे.

साल के अंत तक चालू हो जायेगी पूरी इमारत
टी हब को केवल पांच मंजिलों को खोला जा रहा है और अधिकारियों को उम्मीद है कि साल के अंत तक पूरी इमारत चालू हो जाएगी. उद्यम पूंजीपतियों के अलावा भवन में तेलंगाना स्टेट इनोवेशन सेल, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) सेंटर फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप, डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DST), अटल इनोवेशन मिशन सेंटर, राज्य सरकार के सेंटर फॉर एक्सीलेंस के लिए विशेष स्थान होगा. साइबर सुरक्षा आदि के लिए भी. आईआईआईटी-हैदराबाद परिसर में टी-हब भवन से वर्तमान में संचालित 250 स्टार्टअप 1 जुलाई को नए भवन में चले जाएंगे.

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