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पत्रकार वांगखेम पर रासुका : राहुल का पत्र, मणिपुर के लोगों के संवैधानिक अधिकार छीने जा रहे हैं 

रासुका के तहत जेल में बंद पत्रकार किशोर चंद्र वांगखेम को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है.

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NewDelhi : रासुका के तहत जेल में बंद पत्रकार किशोर चंद्र वांगखेम को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है.  बता दें कि पत्रकार वांगखेम को लेकर राहुल गांधी ने एक पत्र लिखा है. पत्रकार वांगखेम को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत एक साल जेल की सजा सुनाई गयी है. राहुल ने अपने पत्र में मोदी पर हमलवर होते हुए लिखा है कि यह उनकी एक और कोशिश है जब राज्य की ताकतों का इस्तेमाल कर किसी को चुप कराया जाये. लिखा है कि पिछले कुछ महीनों में हमने कई बार देखा है कि भाजपा सरकार ने मणिपुर के लोगों के संवैधानिक अधिकारों को रौंदा है. कहा कि विपक्षी ताकतों को हिंसा का सहारा लेकर दूर किया जा रहा है. राज्य से जवाबदेही मांगने वालों को जेल की सजा हो रही है. बता दें कि  किशोर चंद्र वांगखेम मणिपुर, इम्फाल के एक लोकल चैनल के जर्नलिस्ट और एंकर हैं. उन्हें 27 नवंबर 2018 को एक साल की सजा सुनाई गयी है.  जानकारी के अनुसार वांगखेम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री बीरेन सिंह और पीएम नरेन्द्र मोदी की कथित तौर पर आलोचना की थी.

सीएम बीरेन सिंह को पीएम मोदी की कठपुतली बताया था

उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई जयंती पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उन्होंने भाजपा सरकार की आलोचना की थी.  मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पत्रकार वांगखेम ने अपने वीडियो में सीएम बीरेन सिंह को पीएम मोदी की कठपुतली बताया था.  इस क्रम में आरएसएस पर भी रानी लक्ष्मीबाई  जयंती पर कार्यक्रम के आयोजन को लेकर हमला किया था. पत्रकार का कहना था कि लक्ष्मीबाई का मणिपुर से कोई लेना देना नहीं है. पत्रकार ने सरकार को उसे गिरफ्तार करके दिखाने की चुनौती भी दी थी. अपने  वीडियो में पत्रकार ने कहा था कि मणिपुर के स्वतंत्रता सेनानियों के साथ विश्वासघात और उनकी बेइज्जती नहीं की जाये.  बता दें कि पत्रकार के परिजनों ने राज्य सरकार के  फैसले के खिलाफ मणिपुर हाई कोर्ट में चुनौती दी है.

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