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राफेल देश की सुरक्षा के लिए जरूरी, सरकार वायुसेना को मजबूत बना रही है : वायुसेना चीफ 

वायुसेना चीफ के बयान से मोदी सरकार राहत महसूस कर रही है, क़्योंकि राफेल डील पर विपक्ष मोदी सरकार को लगातार घेर रहा है.

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NewDelhi : वायुसेना चीफ बीएस धनोआ ने राफेल को देश की सुरक्षा के लिए जरूरी बताते हुए इसे देश की हवाई सीमाओं के लिए अहम कहा है. वायुसेना चीफ के बयान से मोदी सरकार राहत महसूस कर रही है, क़्योंकि राफेल डील पर विपक्ष मोदी सरकार को लगातार घेर रहा है. बीएस धनोआ की बात को वायुसेना का राफेल डील का समर्थन माना जा रहा है. वायुसेना चीफ बीएस धनोआ ने चीन और पाकिस्तान का जिक्र करते हुए राफेल को देश के लिए जरूरी बताते हुए बुधवार को भारतीय वायुसेना की संरचना, 2035 विषय पर आयेाजित संगोष्ठी में कहा कि हमारी स्थिति अलग है. कहा कि हमारे पड़ोसी परमाणु संपन्न हैं और वे अपने विमानों का आधुनिकीकरण में लगे हुए हैं. राफेल के जरिए हम मुश्किलों का सामना कर पायेंगे.

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वाइस चीफ एयर मार्शल एसबी देव ने भी राफेल डील का समर्थन किया था

बता दें कि वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल एसबी देव ने भी कुछ दिन पहले राफेल डील के समर्थन में बात कही थी. एसबी देव ने कहा था कि इस डील की आलोचना करने वालों को इसके मानदंड और खरीद प्रक्रिया को समझना चाहिए. यह बेहद खुबसूरत एयरक्राफ्ट है. यह बहुत क्षमतावान है और हम इसे उड़ाने का इंतजार कर रहे हैं.  धनोआ ने कहा, राफेल और S-400 के जरिए सरकार वायुसेना को मजबूत बनाने का काम कर रही है.

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 भारतीय वायुसेना के पास 42 स्क्वॉड्रन के मुकाबले 31 ही मौजूद

वायुसेना चीफ ने कहा कि भारतीय वायुसेना के पास 42 स्क्वॉड्रन के मुकाबले हमारे पास 31 ही मौजूद हैं.  कहा कि 42 की संख्या होने पर भी यह पर्याप्त नहीं होगा. उनके अनुसार पिछले एक दशक में चीन ने भारत से लगे स्वायत्त क्षेत्र में रोड, रेल और एयरफील्ड का तेजी विस्तार किया है. उन्होंने राफेल विमान के केवल दो बेड़ों की खरीद को उचित बताते हुए कहा कि इस तरह के खरीद के उदाहरण पहले भी रहे हैं. इस क्रम में  धनोआ ने बताया कि हमारे सूत्रों के अनुसार चीन के पास करीब 1700 एयरक्राफ्ट हैं जिनमें, 800 फोर्थ जेनरेशन के हैं.  इसका इस्तेमाल हमारे खिलाफ किया जा सकता है.  चीन के पास पर्याप्त संख्या में लड़ाकू विमान हैं. पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने F-16 विमानों के फ्लीट को अपग्रेड किया है और उसे चौथे और पांचवें जनेरेशन में बदल रहा है.  इसके अलावा पाकिस्तान JF17 विमान को भी शामिल कर रहा है.  

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अगर दो मोर्चे पर भी लड़ना पड़े तो हम तैयार रहें  

वायुसेना चीफ घनोआ ने कहा कि चूंकि हमारे पड़ोसियों ने दूसरे और तीसरे जनेरेशन के विमानों को चौथे तथा पांचवें जेनरेशन के विमान से रिप्लेस कर लिया है तो हमें भी अपने विमानों को अपग्रेड करना होगा.  उन्होंने कहा, हमें किसी प्रकार के संघर्ष की स्थिति को रोकने के लिए पूरी तैयारी करनी होगी.  ताकि अगर दो मोर्चे पर भी लड़ना पड़े तो हम तैयार रहें. धनोआ ने कहा, राफेल जैसे हाइटेक विमान हमारी जरूरत हैं क्योंकि तेजस अकेले मुश्किलों का सामना नहीं कर सकता है.  भारत जैसी मुश्किल स्थिति का सामना कोई और देश नहीं कर रहा है.  विरोधी के नीयत में थोड़ा भी बदलाव से चीजें रातोंरात बदल सकती हैं.  हमें अपने विपक्षी देशों के बराबर ताकत चाहिए.  बता दें कि भारत और फ्रांस सरकार के बीच डील पर सितंबर 2016 में मुहर लगी थी.  भारत 58 हजार करोड़ रुपये में 36 राफेल फाइटर जेट खरीद रहा है. 

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