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इंदौर के इस डांस‍िंग कॉप ने फ‍िर जीता द‍िल, लोगों ने कहा- भारत की पुल‍िस को आपसे सीखना चाह‍िए

New Wing Desk : सुर्ख‍ियों में बने रहना इनका शगल है. ड्यूटी के प्रत‍ि न‍िष्‍ठा और नेकनामी ने इस शख्‍स को आम से खास बना द‍िया. डांस‍िंंग कॉप के नाम से सुपर‍िच‍ित इंदौर का यह ट्रैफ‍िक कर्मी एक बाद फ‍िर लोगों का दि‍ल जीतकर सुर्ख‍ि‍यों में है. दरअसल, डांसिंग कॉप रंजीत सिंह ने मानवता की मिशाल पेश कर लोगों का दिल जीता है. सोशल मीडिया पर रंजीत स‍िंंह की तस्‍वीर तेजी से वायरल हो रही है जिसमें वे एक नंगे पांव बच्चे को अपने पैरों का सहारा दिए हुए हैं.

फेसबुक पर रंजीत स‍िंंह की ताजा तस्‍वीर को अबतक 15 हजार लाइक्‍स म‍िले हैं. दो हजार लोगों ने अपने कमेंट ल‍िखे हैं. 11 सौ लोगों ने इसे शेयर क‍िया है. मनोज ठाकुर नाम के ने कमेंट कि‍या है- ग्रेट जॉब भाई. आप जैसे ज‍िंंदाद‍िल जवानों की वजह से ही दुन‍िया में भारतीय पुल‍िस का नाम रौशन है. दरअसल, कहा जा रहा है कि दो बच्चे रोड क्रॉस कर रहे थे. तब सिग्नल बंद था और तपती दुपहरी में बच्चों के पांव जल रहे थे. बच्चे ने कहा – सर पांव जल रहे हैं, रोड क्रॉस करवा दो. पर रोड पर सिग्नल चालू था. लिहाजा मानवता की मिशाल पेश करते हुए ट्रैफिक डांसिंग कॉप रंजीत सिंह ने बच्चे से कहा कि जब तक ट्रैफिक नहीं रूकता है तब तक अपने पांव मेरे पैर के उपर रख लो. स‍िग्‍नल बंद होने के बाद रंजीत स‍िंंह ने बच्‍चों को चप्‍पल खरीद कर दि‍ए और सड़क पार कराया.

वर्ल्‍ड बुक आफ र‍िकार्ड में दर्ज है नाम
अलग अंदाज में ट्रैफिक संभालने वाले इंदौर के डांसिंग कॉप रंजीत सिंह के नाम खास उपलब्धि जुड़ी हुई है. उनका नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है. उन्हें यह सम्मान कोरोना काल में की गई सेवा के लिए मिला. कोरोना काल के दौरान समाजसेवा के रंजीत के कई किस्से हैं. इनमें एक 8 साल के बच्चे का अनोखा मामला है. बच्चे ने अपनी मां के कोविड केयर सेंटर में भर्ती होने के बाद खाना-पीना छोड़ दिया था. बेटे को मनाने के लिए परिवार ने सारे जतन किए, लेकिन बेटा अपनी जिद पर अड़ा रहा. तभी उसके परिवार वालों को ट्रैफिक पुलिस के डांसिंग कॉप रंजीत सिंह याद आई. क्योंकि, जब भी माता-पिता के साथ वो घूमने निकलता था तो चौराहे पर खड़े जवान रंजीत को डांसिंग ड्यूटी करते देख वो बड़ा खुश होता था.मोहक रंजीत के वीडियो देखता था. ऐसे में मां को लगा यदि कांस्टेबल रंजीत मोहक को समझाएं तो शायद वो मान जाए और खाना खाने लगे. एक मां की गुहार सुनकर रंजीत ने वीडियो कॉल कर मोहक को समझाया, तब जाकर उसने खाना खाया.

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आम वो खास करते प्रशंंसा

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रंजीत स‍िंंह की प्रशंसा आम से लेकर खास लोग करते हैं.हमारे देश के नेताओं ने ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन के सांसदों ने भी उनकी तारीफों के पुल बांधे. यातायात समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सराहनीय सेवाओं के लिए रंजीत सिंह इंदौर पुलिस को लगातार गौरवान्वित करते रहते हैं. इंदौर के ट्रैफिक थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक रंजीत सिंह इंदौर में मून वॉक कर ट्रैफिक संभालने का काम करते हैं और उनके अंदाज का हर कोई कायल है.

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