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रेंजर ने सीजेएम से की शिकायतः बीजेपी नेता ड्यूटी के दौरान करते हैं दबंगई, प्रवक्ता मिसफिका पर भी आरोप

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Ranchi: पाकुड रेंजर अनिल कुमार सिंह ने सीजेएम से शिकायत कर बीजेपी नेताओं के खिलाफ ड्यूटी के दौरान दंबगई और दबाव बनाने का आरोप लगाया है. अपनी शिकायतवाद में अनिल सिंह ने बीजेपी नेताओं पर ड्यूटी के दौरान काम में बाधा पहुंचाने और धमकाने की शिकायत की है. इसमें बीजेपी की प्रदेश प्रवक्ता मिसफिका हसन, उनके पिता लुत्फुल हक, दुर्गा मरांडी समेत अन्य कई भाजपा नेताओं पर आरोप है.

सीजेएम से की गई शिकायत की कॉपी

कार्रवाई करने से रोकने की कोशिश

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शिकायत वाद में रेंजर ने कहा कि उन्हें पाकुड़ सदर थाना क्षेत्र के रहने वाले समित भाष्कर के घर पर कीमती लकड़ी ताजा चिरान सेमल की तस्करी की सूचना मिली थी. जिसकी जब्ती के लिए विभाग ने छापेमारी की थी. इसके अलावा विजय पहाड़िया के घर पर भी कीमती लकड़ी की सूचना मिलने के बाद छापेमारी करने पहुंचे. लेकिन उसी दौरान भाजपा प्रवक्ता मिसफिका का फोन आया कि छापेमारी को रोक दिया जाये, अन्यथा इसका परिणाम सही नहीं होगा. स्थानीय लोग सड़क पर आकर प्रदर्शन करने लगेंगे.

लेकिन रेंजर ने उनकी बात नहीं मानी. जिसके बाद दूसरे भाजपा नेता उस स्थान पर पहुंचकर हल्ला-हंगामा करने लगे. रेंजर अनिल ने बताया कि भाजपा नेता दुर्गा मरांडी ने मेरे साथ अभद्र व्यवहार किया और भद्दी-भद्दी गालियां भी दी.

मिसफिका के पिता ने महिला के साथ छेड़छाड़ का लगाया आरोप

इस संबंध में जब अनिल कुमार सिंह ने संपर्क किया गया तो उन्होंने अपनी आपबीती न्यूजविंग से साझा की. उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान उनपर तरह-तरह के आरोप लगाये गए. मिसफिका के पिता ने उनपर महिला के छेड़छाड़ का आरोप लगाया. लेकिन इसकी परवाह न करते हुए उन्होंने अपनी ड्यूटी पूरी करने की बात कही.

रेंजर के साथ बीजेपी की पुरानी खुन्नस

रेंजर अनिल कुमार सिंह की बीजेपी के साथ रिश्ते पहले से ही कटु है. रेंजर अनिल ने खुद यह बात कही है कि बीजेपी नेताओं द्वारा कई बार उनके काम में बाधा पहुंचाने का प्रयास किया गया है. उन्होंने कहा कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब अपनी ड्यूटी के दौरान मुझे परेशानी हुई हो, इससे पहले चौपारण में भी ऐसी ही परेशानियों का सामना करना पड़ा था.

रेंजर ने चौपारण विधायक उमाशंकर और उनके बेटे रवि अकेला पर भी ड्यूटी में अड़चन डालने के प्रयास करने का आरोप लगाया. उन्होंने बताया कि इसको लेकर स्थानीय थाना में शिकायत भी की थी. जिसके बाद थाना प्रभारी ने रवि अकेला को अरेस्ट भी किया, लेकिन रवि को चौपारण से बरही तक ले जाने के दौरान ही बीजेपी नेताओं ने हंगामा शुरु कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया था.

रेंजर ने ये भी बताया कि इस मामले को भी दबाने की पूरी कोशिश की गई. डीएसपी आवास पर बुलाकर दबाव बनाने का प्रयास भी किया गया. रेंजर अनिल सिंह ने बताया कि नहीं दबाव में नहीं आने के कारण उनपर विभागीय कार्रवाई की गई. नींदन की सजा देते हुए उनके पांच इंक्रीमेंट काट लिये गए.

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