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त्योहार के मौसम में राजधानी रांची की सुरक्षा में जुटे युवा

सांप्रदायिक सौहार्द का दे रहे संदेश

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Ranchi: त्योहारों का मौसम आ चुका है. जहां एक ओर लोग इन त्योहारों की तैयारी में लगे है. वहीं जिला प्रशासन जनता की सुरक्षा, समाज में सौहार्द और भाईचारा बनाये रखने के लिये कमर कस रहा है. लेकिन इन सबसे परे कुछ युवा ऐेसे भी है जो पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर राजधानी में सुरक्षा और भाईचारा बनायें रखने के लिये तत्पर हैं.

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कॉलेज में पढ़ने वाले इन विद्यार्थियों में जज्बे की कमी नहीं है. इसलिए मुहर्रम के पूर्व से ही ये राजधानी में सक्रिय है. इन युवाओं का मुख्य मकसद शहर के सांप्रदायिक सौहार्द को बनाये रखना है. जिसके लिए ये कार्यरत है. विशेषकर दुर्गा पूजा के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिये सक्रिय है. पंडालों में उपस्थित रह ये युवा जिला प्रशासन और जनता को सहयोग करेंगे.

555 युवाओं का समूह है युवा दस्ता

युवाओं का समूह युवा दस्ता पिछले 28 वर्षों से त्योहारों के दौरान राजधानी में सांप्रदायिक सौहार्द के लिये कार्यरत है. इस वर्ष युवा दस्ता से 555 युवा जुड़े हैं. जो मुहर्रम के समय से ही सांप्रदायकि सौहार्द और आपसी भाईचार बनाये रखने के लिए कार्यरत है. सदस्य बादल सिंह ने बताया कि पंडालों में सक्रिय रह ये युवा जिला प्रशासन के साथ जनता की भी सहायता करते हैं. आने वाले दिनों में युवा दस्ता से और भी युवा जुड़ेंगे. सदस्यों की संख्या के अनुसार प्रत्येक पंडाल में युवाओं को तैनात किया जायेगा.

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युवतियों को भी जोड़ने की कोशिश

युवा दस्ता पिछले वर्ष से युवतियों को भी अपने अभियान से जोड़ रहा है. बादल सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि युवतियों को इस पहल से जोड़ने का मुख्य मकसद महिलाओं और बच्चों को पंडालों में होने वाली परेशानी को बचाना है. पिछले साल युवतियों के सक्रिय होने से कई पंडालों में महिलाओं द्वारा चेन छिनतई और पॉकेटमारी पर रोक लगायी जा सकी थी.

दस-दस युवाओं को तैनात करेगा युवा प्रहरी

इस पहल में युवाओं का एक अन्य समूह भी जुड़ा है. युवा प्रहरी भी एक ऐसी ही संस्था है जो राजधानी में सांप्रदायिक सौहार्द बनायें रखने का कार्य करती है. संस्था पिछले पांच सालों से दुर्गा पूजा से लेकर छठ पूजा तक गली-मोहल्लों में सक्रिय रहती है. संयोजक मेहूल प्रसाद ने बताया कि इस वर्ष युवा प्रहरी की ओर से दस-दस युवाओं को पंडालों में तैनात किया जायेगा. ताकि जनता और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित हो सके. युवा प्रहरी से वर्तमान में 450 युवा जुड़े हुए है.

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35 से कम उम्र वाले युवा शामिल

इन दस्तों में शामिल युवाओं की उम्र 18 से लेकर 35 तक है. सदस्यों ने जानकारी दी कि ये युवा छठ पूजा तक शहर में सक्रिय रहते हैं. जो दुर्गा पूजा के समय पंडालों में और छठ पूजा के समय घाटों में तैनात रहते हैं.

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चलाये जा चुके हैं कई अभियान

इन युवाओं द्वारा कई अभियान पूजा के दौरान चलाये जाते हैं. जिनमें पिछले वर्ष भोंपू बंद करने की पहल की गयी, जिससे महिलाओं को विशेष परेशानी होती है. इसके साथ ही चेन छिनतई, पॉकेटमारी, सरकारी अभियान आदि के प्रति भी लोगों को जागरूक करने के लिये कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है.

राजधानी में इस साल बन रहें 152 पंडाल

रांची के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इस साल कुल 152 पंडाल बनायें जा रहे है. जहां ये युवा सक्रिय रहेंगे. इन संस्थाओं की ओर से अपने हेल्पलाइन नंबर भी पंडालों में लगाये जाते हैं. जिससे जिला प्रशासन के साथ लोगों को इन युवाओं की मदद भी मिल सकें. ये युवा अनगड़ा, नगड़ी, बुड़मू आदि ग्रामीण इलाकों में भी सक्रिय रहेंगे.

जिला प्रशासन का मिलता है सहयोग

इन युवाओं ने जानकारी दी कि पूजा के दौरान ये जिला प्रशासन के साथ मिलकर परस्पर कार्य करते है. त्योहार के एक माह पूर्व से ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ इनकी बैठक होती है. इन्होंने बताया कि सिर्फ सुरक्षा और सौहार्द ही नहीं, बल्कि असहाय वृद्धों, बच्चों, दिव्यांग आदि लोगों को की भी मदद करना इनका उद्देश्य है.

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