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झामुमो कोटे से इन विधायकों को मिल सकता है मंत्री का पद, जोरों पर है चर्चा

Ranchi :  2019 के प्रचंड बहुमत की सरकार बनने वाली है. हेमंत सोरेन राज्य के नये मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. इसके अलावा राज्य की विधानसभा की संरचना के अनुसार 12 मंत्री हो सकते हैं. जिसपर झामुमो, कांग्रेस और राजद कोटे के विधायक होंगे.

झामुमो के विधायकों में से कम से कम छह विधायक मंत्री परिषद में शामिल हो सकते हैं. इसमें एक पद मुख्यमंत्री का भी शामिल है. मंत्री बनाने के लिए प्रमंडलवार, जातिवार समीकरण को भी ध्यान में रखा जाएगा. झामुमो कोटे से जिन नामों की चर्चा सबसे अधिक है उनके बारे में जानना जरुरी है.

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हाजी हुसैन अंसारी

हाजी हुसैन अंसारी का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है. हाजी हुसैन अंसारी झारखंड के सहकारिता और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री भी रह चुके हैं. और वो राज्य में मंत्री बनने वाले पहला मुस्लिम चेहरा भी हैं. हाजी हुसैन अंसारी मधुपुर सीट से भाजपा के राज पालिवार को हराकर विधानसभा पहुंचे हैं. वे झामुमो के दिग्गज नेताओं में से एक हैं.

स्टीफन मरांडी

स्टीफन मरांडी 1978 से राजनीति कर रहे हैं. मरांडी 1980 में झामुमो के टिकट पर दुमका सीट से पहली बार विधायक बने. स्टीफन मरांडी 1985, 1990, 1995 और 2000 के चुनाव में भी झामुमो के टिकट पर लगातार पांच बार चुने गये थे.

स्टीफन मरांडी 2005 में हेमंत सोरेन को निर्दलीय के रूप में चुनाव हरा भी चुके हैं. फिर से झामुमो में वापसी कर 2014 में जीते. फिर 2019 में जीत चुके हैं. वे भी इस मंत्रालय में मंत्री होंगे यह तय है.

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जगरनाथ महतो

जगरनाथ महतो 2005 से लगातार चौथी बार डुमरी से विधायक हैं.  तीन बार उन्होंने महतो उम्मीदवार को हरा कर जीत हासिल की. 2005 में राजद के टिकट से लड़ रहे लालचंद महतो को 18,010 वोट, 2009 में जदयू के टिकट से लड़ रहे दामोदर प्रसाद महतो को 13,668 वोट और 2014 में बीजेपी के टिकट से लड़ रहे लालचंद महतो को 32,481 वोट से हराया था. इस बार के कड़े मुकाबले में भी  उन्होंने अपनी जीत कायम रखी. वे छोटानागपुर क्षेत्र से आते हैं और मंत्री पद के लिए मजबूत उम्मीदवार के तौर पर सामने हैं.

मथुरा प्रसाद महतो

झारखंड विधानसभा की टुंडी विधानसभा सीट पर एकबार फिर झारखंड मुक्ति मोर्चा का कब्जा हो गया है. इस सीट पर जेएमएम के मथुरा प्रसाद महतो ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के प्रत्याशी विक्रम पांडेय को 25659 वोटों से हराया. महतो को 72552 वोट मिले.

पिछली गठबंधन की सरकार मे इन्होंने अपना मंत्री पद अपने दामाद को दे दिया था. इन्हें भी मंत्री पद दिया जा सकता है. हालांकि, राजनीतिक गलियारे में ये भी चर्चा है कि मथुरा प्रसाद महतो और जगरनाथ महतो में से किसी एक को ही मंत्री पद मिलेगा.

जोबा मांझी

2019 से पहले जोबा मांझी  2014 और 2005 में भी विधायक चुनी गयी थीं. पर 2009 में वह चुनाव हार गयीं थीं. पहले वह यूजीडीपी पार्टी से जुड़ी हुई थीं. अर्जुन मुंडा की सरकार में जोबा मांझी मार्च 2003 से मार्च 2005 तक समाज कल्याण, महिला और बाल विकास और पर्यटन मंत्री थीं.

वहीं इससे पहले वह नवंबर 2000 से मार्च 2003 तक बाबूलाल मरांडी कैबिनेट में मंत्री रह चुकी थीं. जोबा सिंहभूम के जंगल आंदोलन के नेता देवेंद्र मांझी की पत्नी हैं. इनका महिला कोटे से मंत्री बनना तय माना जा रहा है.

नलिन सोरेन

नलिन सोरेन शिकारीपाड़ा से 1990, 1995, 2000, 2005, 2009,2014 और 2019 में लगातार चुनाव जीत चुके हैं. इनका भी नाम मंत्री पद के लिए संभावित नामों की सूची में शामिल हैं. झारखंड विधानसभा चुनाव- 2019 में जीत के साथ ही नलिन ने अपने नाम एक रिकॉर्ड भी बनाया है.

उन्होंने लगातार सातवीं बार जीत दर्ज की है. सातवीं जीत दर्ज करने वाले नलिन झारखंड विधानसभा में इकलौते विधायक हैं. उन्होंने भाजपा के परितोष सोरेन को 29, 471 मतों के अंतर से पराजित किया.

दीपक बिरूआ

दीपक बिरूआ भी मंत्री पद के प्रबल दावेदारों में से एक माने जा रहे हैं. जेएमएम के दिग्गज नेताओं में आनेवाले बिरूआ चाईबासा विधानसभा सीट से जीत कर आये हैं. ये लगातार दूसरा मौका है जब चाईबासा की जनता ने उनपर भरोसा जताया है. हालांकि, चर्चा ये भी है कि दीपक बिरूआ और नलिन सोरेन में से किसी एक को भी मंत्री पद मिल सकता है.

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