न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

दिसंबर से मिलने लगेगा रांची वासियों को साइकिल शेयरिंग योजना का लाभ

50 स्टेशनों पर डॉक प्लेट लगाने का काम अंतिम चरण में

43

Ranchi: नगर विकास विभाग की तरफ से शुरू की जाने वाली पब्लिक साइकिल शेयरिंग सिस्टम योजना का लाभ जल्द ही राजधानीवासियों को मिलने वाली है. स्मार्ट सिटी मिशन के तहत पीपीपी मॉडल पर शुरू होने वाली यह योजना राजधानी के लोगों के आवागमन सुविधा के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा. इसके लिए विभाग की तरफ से 50 स्टेशनों पर डॉक प्लेट लगाने का काम अंतिम चरण है. वहीं साइकिल में लगने वाले पार्ट्स को रांची लाया जा चुका है. अब यहां इसका असेंबल किया जा रहा है. संभवतः दिसम्बर माह के अंत तक योजना की शुरूआत हो सकती है.

इसे भी पढ़ें: जेटेट पास अभ्यर्थियों की आंखों में धूल झोंक रही है सरकार: पारा शिक्षक

आवागमन सुगम व सुदृढ़ करने की है योजना

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत रांची में शुरू होने वाली पब्लिक साइकिल शेयरिंग सिस्टम योजना नगर विकास की एक महत्वाकांक्षी योजना है. इस योजना के तहत राजधानी के लोगों को सुगम और सुदृढ़ आवागमन के लिए विभिन्न जगहों पर साइकिल की सुविधा मिल सकेगी. इसके लिए पहले ही विभाग ने स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि शहर के विभिन्न इलाकों में बननेवाले डॉक (संबंधित जगहों पर साइकिल स्टेशन) के लिए जगह जल्द ही चिन्हित किया जाये. इसी कड़ी में विभाग ने राजधानी रांची के 50 स्थलों पर स्टेशन बनाने का काम शुरू कर दिया है, जो कि अंतिम चरण में है. जानकारी के मुताबिक रांची कॉलेज के पास आईएमएस, सिद्दो-कानू पार्क, न्यू मार्केट चौक पर स्टेशन निर्माण का कार्य करीब-करीब अंतिम चरण में है.

इसे भी पढ़ें – न्यूज विंग ब्रेकिंग: झारखंड में फाइनांशियल क्राइसिस! ट्रेजरी में सिर्फ 200 करोड़, ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं की देनदारी महीनों से बंद

120 स्टेशन पर 1200 साइकिल चलाने की है योजना

नगर विकास विभाग के जन संपर्क पदाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि योजना के तहत राजधानी रांची में 120 स्टेशन पर करीब 1200 साइकिल चलाने की योजना है. यह योजना दो चरणों में प्रस्तावित है. पहले चरण में 60 स्टेशनों पर 600 साइकिल और दूसरे चरण में इतने ही स्टेशनों पर 600 साइकिल चलायी जानी है. करीब 50 स्टेशनों पर डॉक बनाने का काम किया जाना है. उन्होंने बताया कि पहले यह योजना राजधानी के मेन रोड, कचहरी जैसे इलाकों में चलायी जानी थी. वहीं अब इसका विस्तार करके हवाई अड़्डा, हिनू, डोरंडा, एचईसी और धुर्वा तक किया जा चुका है. साइकिल में लगने वाले पार्टस को इटली व जर्मनी से आयात किया गया है. वहीं राजधानी रांची में इन साइकिलों का एस्मेबल किया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें – आदर्श ग्राम हाहाप में डकैती करने आये अपराधी चढ़े ग्रामीणों के हत्थे, पिटाई से एक अपराधी की मौत

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: