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रांची : जब पार्षद ने भी खड़े कर दिये हाथ, तो मंटू चौक निवासियों ने चंदा कर खुद ही करा ली जर्जर पुलिया की मरम्मत

सभी के श्रमदान से ठीक कर ली पुलिया

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Ranchi : सरकार से अपेक्षा रखकर थक चुके हिंदपीढ़ी के लोगों ने खुद ही जर्जर पुलिया की मरम्मत के लिए हाथ बढ़ाना शुरू कर दिया है. स्थानीय वार्ड पार्षद से बार-बार शिकायतें भी कीं, लेकिन फंड नहीं आने का हवाला देते हुए पार्षद ने काम को टाल दिया. पार्षद और सरकार के उदासीन रवैये का ही परिणाम है कि अब तक सात से आठ महिलाओं के हाथ और पैर फ्रैक्चर हो चुके हैं. कई बच्चे भी गिरकर घायल हो चुके हैं. आलम तो ऐसा हो चुका था कि अब इस राह में रिक्शा और ऑटोवाले ने भी जाने से इनकार कर दिया था. थक-हार कर स्थानीय लोगों ने अब खुद ही जर्जर पुलिया को ठीक करने का निर्णय लिया. सभी के श्रमदान से पुलिया मरम्मत का कार्य रविवार की सुबह से शुरू कर दिया गया और शाम होते-होते पुलिया की ढलाई भी कर दी गयी.

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दो साल से जर्जर अवस्था में थी पुलिया

स्थानीय युवक शाहिद ने बताया कि यह पुलिया बीते दो साल से भी अधिक समय से खराब पड़ी थी. अब इसकी हालत और भी ज्यादा जर्जर हो चुकी थी. इसे देखते हुए सभी मुहल्लेवासियों ने खुद से पुलिया की मरम्मत कराने का निर्णय लिया. दरअसल वार्ड संख्या 23 के हिंदपीढ़ी स्थित मंटू चौक की पुलिया बीते दो साल से खराब पड़ी थी. इससे लोगों के आवागमन में परेशानी भी बढ़ने लगी थी. आये दिन इस जर्जर पुलिया के कारण कोई न कोई दुर्घटना होने लगी. पुलिया की जर्जद स्थिति के कारण कई रिक्शा व ई-रिक्शा सवारी सहित इस पुलिया पर पलट गये, जिससे महिलाओं के हाथ और पांव में फ्रैक्चर तक हो गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार स्थानीय पार्षद डॉ साजदा खातून से इसकी शिकायत भी की गयी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ.

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चंदा कर जमा की गयी राशि

मुहल्ले के लोगों ने पुलिया निर्माण कराने के लिए चंदा करना शुरू कर दिया. जो भी इस रास्ते से गुजरता उससे सहयोग राशि ली जाने लगी. इस प्रकार लगभग 15 हजार रुपये इकट्ठा किये गये और रविवार को सुबह से मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया. शाम होते-होते पुलिया की ढलाई कर दी गयी. पुलिया निर्माण में मुहल्ले के युवा, बच्चे एवं बुजुर्ग, सभी ने योगदान दिया.

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