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वार्ड 26 का हाल : स्थानीय लोग साफ करा रहे छठ घाट, चार बार वार्ड पार्षद को दी जानकारी,  नहीं दे रहे ध्यान

Ranchi : शहर के वीआईपी इलाके में शामिल हरमू हाउसिंग कॉलोनी के लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. जहां एक ओर नगर निगम की ओर से छठ घाटों की साफ-सफाई करायी जा रही है,  वहीं हरमू चौक के समीप लोग खुद ही स्थानीय तालाब  की सफाई करते दिख रहे हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि हर साल इस छठ घाट की स्थिति ऐसी ही रहती है. तालाब के पास जाने से जानकारी हुई कि स्थानीय लोग आपसी सहयोग से इस तालाब को हर साल साफ कराते हैं.

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छह दिनों से यहां साफ सफाई का काम जारी

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फिलहाल पिछले छह दिनों से यहां साफ सफाई का काम जारी है. तालाब के किनारों पर कई जगह कचरा फैला हुआ है. लोगों ने बताया कि नगर निगम पूरी हाउसिंग कॉलोनी का कचरा उठा कर तालाब के किनारे फेंक देता है. कहा कि महीने में मुश्किल से एक बार ट्रैक्टर आता है और कचरा लेकर चला जाता है. लोगों ने बताया कि बार बार तालाब के किनारे कचरा फेंके जाने से तालाब बहुत ही गंदा हो चुका है. तालाब वार्ड 26 में है.

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28 अक्टूबर को पार्षद आये,  कहा, व्यवस्था करेंगे, पर कुछ नहीं किया 

स्थानीय निवासी डब्लू शर्मा ने बताया कि वार्ड पार्षद को हर साल तालाब सफाई कराने की जानकारी दी जाती है. लेकिन हर साल तालाब के पास स्थित मंदिर के लोग ही सफाई कराते हैं. इस बार भी चार बार पार्षद को जानकारी दी गयी. 28 अक्टूबर को पार्षद आये भी. कहा कि व्यवस्था करेंगे, कचरा उठाने के लिए ट्रैक्टर भेजेंगे,  लेकिन दो दिन हो गये कोई नहीं आया.

तालाब की स्थिति  ऐसी है कि नगर निगम वाले भी कचरा डंप करके चले जा रहे हैं. डब्लू ने बताया कि कई बार तालाब सफाई को लेकर पार्षद के साथ बकझक की स्थिति भी बनी है. कहा कि  जब साल भर सफाई नहीं की जाती, तो अब क्या होगा.  बताया कि तालाब के पास क्या, पूरी कॉलोनी  में कहीं भी डस्टबीन नहीं है.

दो साल पहले कचरों से भरी मिट्टी डाल दी गयी

नीष साहू ने बताया कि दो साल पहले क्षेत्र में नाली का निर्माण किया जा रहा था. राम कृपाल कंस्ट्रक्शन को काम दिया गया. उसी समय कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से तालाब के पास मिट्टी और कचरा डंप किया गया. तबसे तालाब का आधा भाग भर गया है.

कई बार लोगों ने कंपनी को ऐसा करने से रोका,  लेकिन कंपनी ने हर बार नगर निगम से परमिशन मिलने की बात कही.  मनीष ने बताया कि कंपनी द्वारा मिट्टी भरे जाने के बाद से ही नगर निगम भी कचरा डंप कर रहा है. महीने में मुश्किल से एक बार नगर निगम की बड़ा ट्रैक्टर आकर कचरा उठा लेता है. नहीं तो दो दो महीने बीत जाते हैं.

सौ से डेढ़ सौ लोग आते हैं छठ करने

लोगों ने बताया कि क्षेत्र के कम से कम सौ से डेढ़ सौ लोग छठ करते हैं. अन्य तालाबों की तरह इस तालाब में भी बेहतर व्यवस्था की जाती है. कई साल पहले जेएमएम नेता हेमंत सोरेन भी आये थे. इतना ही नहीं कई भाजपा के नेता भी छठ के दौरान तालाब में आये हैं. लेकिन पार्षद तालाब पर ध्यान ही नहीं देते.

नगर निगम की गाड़ियां तालाब में कचरा डाल देती है. ऐसे में आस पास के घरों से भी कचरा यहीं डाल दिया जाता है. कहा कि जब से सफाई हो रही है,  दुर्गंध से हाल बेहाल है. लोगों ने बताया कि मेयर आशा लकड़ा और उप मेयर संजीव विजयवर्गीय को भी फोन पर जानकारी दी गयी,  लेकिन कोई नहीं आया और न ही सफाई करायी गयी.

नगर आयुक्त से बात हुई है, नहीं होगी छठव्रतियों को परेशानी : पार्षद 

इस मामले में वार्ड 26 पार्षद अरुण झा ने कहा कि नगर आयुक्त से भी इस संदर्भ में पहले ही बात की गयी है. निगम से आश्वासन मिला है कि छठ महापर्व के पहले तालाब में तीन चार टैंकर पानी डाला जायेगा. साथ ही छठव्रतियों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो, इसका भी ख्याल रखा जायेगा.

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