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रांची विश्वविद्यालय :  दो वर्ष सेवा विस्तार करने प्रस्ताव का प्राध्यापक संघ ने किया विरोध

Ranchi :  रांची विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्राध्यापक, सहायक-प्राध्यापकों का प्रस्तावित दो वर्ष की सेवा अवधि विस्तार को अस्वीकृत कर घंटी आधारित कार्यभार सौंपने को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया. दो वर्ष सेवा विस्तार करने के प्रस्ताव का सहायक प्राध्यापक संघ ने किया विरोध किया है.

इस बारे में, रांची विश्वविद्यालय सहायक प्राध्यापक (अनु) संघ के उपाध्यक्ष डॉ रीझू नायक ने कहा कि रांची विश्वविद्याल प्रशासन द्वारा नियमित प्राध्यापक, सहायक-प्राध्यापकों की सेवा समाप्ति के बाद भी दो वर्ष सेवा अवधि विस्तार प्रस्ताव पारित किया गया है. यह अनुचित है. बेरोजगारों के साथ अन्याय है.

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एक तरफ नेट, जेआरएफ, पीएचडी प्राप्तकर्ता बेरोजगारों की फौज खड़ी हो रही है. दूसरी तरफ सेवा निवृति प्राध्यापकों का सेवा अविध विस्तार देना गलत है.

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कहा कि विशेषज्ञ की उपस्थिति में घंटी आधारित संविदा सहायक प्राध्यपकों की नियुक्ती की गयी है. लगातार तीन वर्षो से अपनी कला-कौशल आधुनिक तकनीकी युक्त निस्वार्थ भाव से अपनी कर्तव्यों का निर्वहन, पठन-पाठन, अध्यापन ईमनादारी पूर्वक कर उच्च शिक्षा में गुणात्मक विकास करते आ रहे है. वैश्विक महामारी काल में भी इनकी सेवाएं जारी रहीं.

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ऐसे में अनुभव प्राप्त घंटी आधारित संविदा सहायक प्रोध्यापकों को प्रोत्साहन और बढ़ावा देने की आवश्यकता है. विश्वास के साथ जिम्मेवारी और अवसर देना चाहिए. लेकिन रांची विश्वविद्यालय सिंडीकेट द्वारा मनमाफिक प्रस्ताव पारित कर सेवानिवृत होने वाले प्राध्यापक, सहायक-प्राध्यापको के लिए दो वर्ष की सेवा अवधि विस्तार करना न्याय है.

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