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रांची विवि ने खोले चार कॉलेज, दो में एडमिशन के लिए एप्लीकेशन तक नहीं

Ranchi : इसे काम का कोटा पूरा करना कहिये, पैसे की बर्बादी कहिये या प्लानिंग की कमी. ये सारी बातें दिखती हैं रांची विवि के अधीन शुरू किये गये चार नये कॉलेजों में. राज्य सरकार की ओर से रांची विवि के अधीन दो महिला और दो मॉडल कॉलेज की शुरुआत साल 2019 में की गयी. लेकिन इन नये कॉलेजों का हाल ऐसा है कि चार में से दो कॉलेज में एडमिशन के लिए स्टूडेंट्स ने एप्लीकेशन ही नहीं दिए. जिस कॉलेज में एप्लीकेशन आये भी तो एडमिशन के नाम पर कोरम भी पूरा नहीं हो पाया.

ये कॉलेज हुए हैं शुरू

– वीमेंस कॉलेज, सिमडेगा
– वीमेंस कॉलेज, लोहरदगा
– मॉडल डिग्री कॉलेज, बानो- रांची
– मॉडल डिग्री कॉलेज, घाघरा- गुमला

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ठेके के शिक्षक के भरोसे शुरू हुआ कॉलेज

रांची विवि की ओर से इस साल एडमिशन की प्रक्रिया शुरू की गयी. कॉलेजों में शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी के पद भी सृजित किये गये. लेकिन यहां एक भी स्थायी शिक्षक बहाल नहीं किये गये. सभी कॉलेजों में पूर्णत: अनुबंध के शिक्षक के भरोसे क्लासेस शुरू करने पर राय बनी. अब जब इन कॉलेजों में एडमिशन ही नहीं हुआ तो आगे क्या होगा, इसपर विवि प्रबंधन चुप्पी साधे हुए है.

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बताते चलें कि इन कॉलेजों के शुरू करने उद्देश्य उन बच्चों तक उच्च शिक्षा पहुंचाना था जो शहर आ कर पढाई करने में सक्षम नहीं हैं. इन कॉलेजों में स्नातक स्तरीय विषयों की पढ़ाई की होनी थी. कॉलेजों की बिल्डिंग समय की मांग के अनुसार अत्याधुनिक है.

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ऐसा है एडमिशन स्टेटिस्टिक्स

विवि से मिली जानकारी के अनुसार मॉडल डिग्री कॉलेज बानो में एडमिशन के लिए 30 एप्लीकेशन आये. पर इन 30 एप्लीकेशन में से एक भी एडमिशन नहीं हुआ. सिमडेगा महिला कॉलेज में पांच छात्राओं ने एडमिशन के लिए आवेदन जमा किया था. एडमिशन केवल दो ने लिया. वहीं विमेंस कॉलेज लोहरदगा और मॉडल कॉलेज घाघरा में एडमिशन तो दूर की बात एप्लीकेशन तक नहीं आये.

बताते चलें कि इस कॉलेजों की शुरुआत बिना प्रचार प्रसार के आनन फानन में की गयी. वहीं कॉलेजों में एडमिशन के लिए चांसलर पोर्टल के माध्यम से एप्लीकेशन मंगवाया गया. एक तरफ सुदूर इलाकों के स्टूडेंट्स को टारगेट कर कॉलेज की शुरुआत की गयी वहीं दूसरी ओर एडमिशन के ऑन लाइन माध्यम होने से एप्लीकेशन आये ही नहीं.

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