Khas-KhabarRanchi

रांचीः अंडरग्राउंड केबलिंग कर रही एजेंसी पॉलिकैब को आनन-फानन में हटाया गया, रुक सकता था भुगतान

केबलिंग के साथ ही अन्य काम भी मिले थे एजेंसी को, जिसे एजेंसी ने पूरा नहीं किया

Ranchi: रांची जिला में अंडरग्राउंड केबलिंग का काम पिछले पांच सालों में अब तक पूरा नहीं हुआ. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की ओर से फेज वन के तहत अंडरग्राउंड केबलिंग का काम पॉलिकैब एजेंसी को दिया गया. एजेंसी ने चार साल तक रांची शहर में केबलिंग काम किया.

एजेंसी को पहले चरण में 140 किलोमीटर अंडरग्राउंड केबलिंग का काम मिला. इसके साथ ही पीएनटी केबलिंग, एचटी केबुल, जर्जर लाइन मरम्मत समेत अन्य काम दिये गये. एजेंसी ने 140 किलोमीटर अंडरग्राउंड केबलिंग तो की. लेकिन अन्य काम पेंडिंग रह गये. इसके बाद भी जेबीवीएनएल की ओर से एजेंसी को पूरा भुगतान किया गया.

इसे भी पढ़ेंःपलामू, गढ़वा, गिरिडीह और रांची में मनरेगा की हजारों योजनाएं अधूरी, सबसे बेहतर रामगढ़

जेबीवीएनएल ने पॉलिकैब एजेंसी को 380 करोड़ रूपये दिये. जेबीवीएनएल की मानें तो सिर्फ रांची जिला में अंडरग्राउंड केबलिंग के तहत 1500 करोड़ का काम किया जाना है. अलग-अलग फेज में एजेंसियों को काम दिया जा रहा है. वर्तमान में केईआइ एजेंसी की ओर से यह काम किया जा रहा है. लेकिन एजेंसी सिर्फ शहरी क्षेत्र में अंडरग्राउंड केबलिंग कर रही है.

दबाव के कारण हटाया गया एजेंसी को

पॉलिकैब एजेंसी को जेबीवीएनएल के पूर्व एमडी राहुल पूरवार ने कार्यमुक्त किया. दरअसल, राज्य में विधानसभा चुनाव के पूर्व सरकार की ओर से लगातार दबाव बनाया गया. जिसमें एजेंसी के परफॉर्मेंस को लेकर सवाल खड़े गये. यहां तक की केंद्र सरकार की ओर से भी कई बार फंडिंग रोकने की बात की गयी. जिसके बाद आनन-फानन में पूर्व एमडी राहुल पुरवार ने एजेंसी का शत प्रतिशत काम दिखाते हुए, एजेंसी को कार्यमुक्त किया.

इतना ही नहीं, एजेंसी को पूरा भुगतान भी किया गया. जबकि एजेंसी की ओर से पीएनटी केबलिंग, एचटी केबुल, जर्जर लाइन मरम्मत, ट्रांसफॉर्मर मरम्मत आदि का काम अब भी पेंडिंग है. पॉलिकैब एजेंसी को सिर्फ रांची शहर में केबलिंग कार्य के लिये रखा गया. इसके बाद भी एजेंसी ने मनमाना काम किया.

एजेंसी ने अंडरग्राउंड केबलिंग तो की, लेकिन रांची विद्युत आपूर्ति कार्यालय की कई जांच में तारों की गुणवत्ता निम्न स्तर की पायी गयी. इतना ही नहीं बिना योजना के सर्किट भी लगाये गये. जानकारी मिली है कि अगर तत्कालीन एमडी पॉलिकैब को चुनाव के पहले नहीं हटाते तो, भुगतान रूक सकता था.

इसे भी पढ़ेंःJTET : पहली परीक्षा के 65439 उम्मीदवारों के सर्टिफिकेट रद्द,  दूसरी से 53870 स्टूडेंट्स को नियुक्ति का इंतजार

अब सिर्फ औद्योगिक क्षेत्रों में है फोकस

पिछले साल सिंतबर से रांची जिला में केईआई एजेंसी केबलिंग का काम कर रही है. पॉलिकैब को जहां शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अंडरग्राउंड केबलिंग का काम दिया गया. वहीं इस एजेंसी को सिर्फ शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में काम दिया गया. इसके साथ ही पीएनटी केबलिंग, एचटी केबुल, जर्जर लाइन मरम्मत, ट्रांसफॉर्मर मरम्मत का काम नहीं दिया गया है. धनबाद, जमशेदपुर, रामगढ़, देवघर और रांची में एजेंसी का काम जारी है. रांची में 350 किलोमीटर में से 98 किलोमीटर काम पूरा कर लिया गया है. जो की कुल काम का 30 प्रतिशत है.

इसे भी पढ़ेंःCoronaUpdate: संक्रमण से झारखंड में 15वीं मौत, रिम्‍स के कोविड वार्ड में 24 वर्षीय महिला ने तोड़ा दम

Telegram
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
Close