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रांचीः तीन JE के भरोसे निगम का जल बोर्ड, 53 वार्डों की संभाल रहें जिम्मेदारी

पांच वार्ड में हो एक जेई- जल बोर्ड

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Ranchi: राजधानी रांची की 15 लाख अबादी को पानी मुहैया कराने वाला रांची नगर निगम का जल बोर्ड इन दिनों कर्मचारियों की कमी से जुझ रहा है. वर्तमान में पूरा जल बोर्ड केवल तीन जूनियर इंजीनियर (जेई) के भरोसे चल रहा है, जो शहर के कुल 53 वार्डो से आने वाले शिकायत का निपटारा करते है. सबसे बड़ी बात यह है कि बोर्ड में प्रतिदिन मुख्यमंत्री, नगर विकास विभाग सहित कई आला अधिकारियों द्वारा भी शिकायत दर्ज की जाती है, जिन्हें प्रमुखता देना भी बोर्ड के अधिकारियों के लिये जरुरी है. ऐसे में बोर्ड में फाइलों का अंबार लगता जा रहा है और मामले पेंडिंग पड़ते जा रहे हैं.

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पांच पोर्टल में दर्ज होती है हजारों शिकायत

वर्तमान में शिकायत दर्ज कराने के लिए निगम में पांच पोर्टल है. जिसमें आम जनता द्वारा प्रतिदिन हजारों की संख्या में शिकायत दर्ज करायी जाती है. इसमें मुख्यमंत्री जनसंवाद, सीपी जनसेवा, पब्लिक ग्रिवांस मैनेजमेंट सिस्टम या जन शिकायत निगरानी प्रणाली (पीजीएमएस), के अलावा मेयर, डिप्टी मेयर, नगर आयुक्त कार्यालय से शिकायत बोर्ड को मिलती है. ऐसे में कार्यालय में पेंडिंग फाइल का अंबार लगा रहता है.

बोर्ड के 3 JE निपटाते है कई तरह की शिकायतें

बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान में केवल 3 जेई काम कर रहे है. बोरिंग की नापी से लेकर उसकी मरम्मत, शहर में स्थित कुल 3200 चापाकलों की व्यवस्था, 750 मिनी एचवाईडीटी, 160 एचवाईडीटी पर रोजाना शिकायत मिलती रहती है. कभी-कभी जनता द्वारा ऐसी शिकायत दर्ज की जाती है, जिसका कोई आधार ही नहीं होता है. इसी तरह रोजाना हाइड्रेंट की खराबी, मोटर का तार जलने की प्रक्रिया से जुड़ी शिकायत मिलती है. बोर्ड को इसपर त्वरित कार्रवाई करते हुए एंजेसी से संपर्क कर शिकायत को निपटाने का काम बोर्ड के जेई को ही करना पड़ता है.

शिकायत निपटारे के लिए हो एक सेल- बोर्ड

जल बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि निगम में जिस तरह से शिकायतों का अंबार लगता जा रहा है, इसका निष्पादन बहुत जरूरी है. और इसके लिए जरुरी है कि बोर्ड के अंतर्गत ही एक जनशिकायत निपटारे के लिए विशेष सेल बनाया जाए. अधिकारियों का ये भी कहना है कि पांच वार्डों में एक जेई होना चाहिए.

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