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Ranchi Smart City : गाड़ी आती देख जल उठेगी स्ट्रीट लाइट, ऑटो कंट्रोल होगी ट्रैफिक

- जीआइएस तकनीक के उपयोग से नहीं होगा पावर कट, धुर्वा डैम से पानी की निरंतर होगी आपूर्ति

Ranchi : राजधानी के धुर्वा में करीब 656 एकड़ जमीन में निर्माणाधीन स्मार्ट सिटी राजधानी का गौरव बनने जा रहा है. इस सिटी में जो भी लोग फ्लैट लेंगे, उन्हें विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाएं व आधारभूत संरचना उपलब्ध करायी जानी है. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में पहली बार एक ऐसी तकनीक का प्रयोग हो रहा है, जो पहले राज्य में नहीं हुआ है. यह तकनीक है, ‘गैस इंस्यूलेटेड पावर सिस्टम (जीआइएस) विद्युत सब स्टेशन का निर्माण’. इसके निर्माण से यहां रहने वाले लोगों को काफी आधुनिक सुविधा मिल सकेंगी. इसके अलावा अन्य सुविधाओं में आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम, स्टोर्म वाटर ड्रैनेज, स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग, वेस्ट वाटर मैनजमेंट, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर (24*7), पूरे 647.08 एकड़ क्षेत्र में वाटर सप्लाई सिस्टम (24*7) शामिल हैं.
स्मार्ट सिटी में 24 घंटे सातो दिन पावर सप्लाई के लिए बेड़ो में एक डेडिकेटेड लाइन बनायी जा रही है. यह लाइन निर्माणाधीन एक गैस इंस्यूलेटेड पावर सब स्टेशन (220/33 KV) से सीधे जुड़ेगी. पहली बार राज्य में किसी भी प्रोजेक्ट के अंदर इस जीआइएस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है.

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इससे पहले की सभी योजनाएं एयर इंसुलेटेड सबसिस्टम पर आधारित होती थीं. जीआइएस तकनीक का फायदा यह है कि इसमें कम जमीन का उपयोग होता है. साथ ही तकनीकी रूप से इसमें पावर शटडाउन की प्रॉब्लम नहीं होती है. इस स्मार्ट सिटी परिसर में चार पावर सब-स्टेशन भी बनाये गये हैं, जो जीआइएस तकनीक से सीधे तौर पर जुड़ेंगे.

परिसर में स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग की भी व्यवस्था है. यह सिस्टम सेंसर तकनीक पर आधारित है. SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition) Operating Dimmer Control आधारित इस लाइटिंग सिस्टम में गाड़ियां जब भी सड़क से नहीं गुजर रही होंगी, तो स्ट्रीट लाइटिंग स्वतः धीमी हो जाएगी. किसी गाड़ी के करीब आते ही लाइट का वोल्टेज बढ़ जायेगा. इस स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग व्यवस्था में बिजली की कम से कम खपत होगी.
वाटर सप्लाई सिस्टम के लिए पीएचडी विभाग से एक एग्रीमेंट किया है. स्मार्ट सिटी परिसर में पानी की सुविधा हमेशा बनी रहे, इसके लिए करीब 10 करोड़ रूपये खर्च कर एक पाइप लाइन को धुर्वा डैम से जोड़ा गया है. इसके अलावा जब धुर्वा डैम में पानी की कमी होती है, तो रुक्का डैम से भी पानी देने की व्यवस्था की गयी है.

ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए शहर के विभिन्न चौक-चौराहों को इससे जोड़ा गया है. फोर लेन वाले इस ट्रांसपोर्ट सिस्टम की व्यवस्था नियंत्रित करने के लिए कई तरह के आधुनिक कैमरे लगाये जाने हैं. इससे प्रोजेक्ट के कमांड सेंटर में बैठक सुरक्षाकर्मी निगरानी कर सकेंगे. रांची के ट्रैफिक सिस्टम को भी इसी कमांड सेंटर से नियंत्रित करने की योजना है. प्रोजेक्ट में लगने वाला आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम ऑटोमेटिक होगा. यानी जिस तरफ वाहनों की भीड़ ज्यादा होगी, उसे आवाजाही का ज्यादा समय मिलेगा. स्मार्ट सिटी आवासीय परिसर में कमर्शियल ऑफिस, फाइव स्टार होटल, रिटेल मॉल, कमर्शियल टावर, लोकल शॉपिंग सेंटर आदि का निर्माण पीपीपी मोड पर कराया जायेगा.

स्मार्ट सिटी को राजधानी के महत्वपूर्ण जगहों से जोड़ने के लिए भी चार गेट बनाये जाने है. पहला गेट हटिया स्टेशन से 4 किलोमीटर की दूरी पर होगा. दूसरा गेट एयरपोर्ट की तरफ खुलेगा जो एयरपोर्ट से 6 किलोमीटर दूर होगा. वहीं रांची रिंग रोड से परिसर की दूरी करीब 8 किमी, नये विधानसभा से करीब 8 किमी और जेएससीए क्रिकेट स्टेडियम से करीब 2 किमी की होगी.

स्मार्ट सिटी में एक एजुकेशन हब के साथ व्यवसायिक जोन भी बनाया जाना है. यहां करीब 1 लाख लोगों प्रतिदिन आना जाना करेंगे. इससे बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार मिल सकेगा.

स्मार्ट सिटी के लिए हटिया डैम में अलग से आधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है. वही बेकार पानी को रिसाइकिल करने के लिए एसटीपी प्लांट का भी निर्माण किया जा रहा है. परिसर में बनने वाले 15,000 फ्लैट में स्मार्ट मीटर लगाया जायेगा.

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