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सरकार के साथ एजेंसियों और आमजन के सकरात्मक प्रयासों से ही संभव है रांची स्मार्ट सिटी योजना: सीपी सिंह

सतत शहरी विकास को लेकर नगर विकास ने किया दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन

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Ranchi: रांची को एक स्मार्ट शहर बनाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को साकार करने के लिए सरकार कड़ी मेहनत कर रही है. स्मार्ट सिटी बनाने में सरकार के अलावा उससे जुड़े एजेंसियों और आमजन के सकरात्मक प्रयासों से ही संभव है. नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने सोमवार को सतत शहरी विकास पर आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन के दौरान यह बातें कहीं. दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हेडलबर्ग विश्वविद्यालय, प्रभाव और नीति अनुसंधान संस्थान और पर्यवेक्षक अनुसंधान संगठन द्वारा आयोजित भारत-जर्मन स्मार्ट शहरों के कार्यशाला श्रृंखला के हिस्से के रूप में किया जा रहा है. झारखंड सरकार के नगर विकास विभाग, रांची स्मार्ट सिटी कॉपोर्रेशन लिमिटेड, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय और भारतीय प्रबंधन संस्थान रांची भी सम्मेलन के साथ सहयोग कर रहे हैं. राजधानी रांची में इसे इस तरह का पहला सम्मेलन बताया जा रहा है. नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि वह उत्सुकता के साथ सम्मेलन से इनपुट प्राप्त करने की उम्मीद कर रहे थे. आशा व्यक्त की थी कि सरकार रांची को स्मार्ट शहर के रूप में बनाने के अपने मिशन में मदद करेगी.

शहरी विकास के साथ पर्यावरण संतुलन पर ध्यान देने की जरूरत

मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि सरकार विकास के इंजन के रूप में शहरों का निर्माण करने के इच्छुक है. लेकिन वह पर्यावरण संतुलन को बनाये रखने के लिए भी विशेष ध्यान देगी. सीएस ने कहा कि कंक्रीट संरचनाओं को पर्यावरण के साथ संतुलित किया जाना चाहिए. सीएस त्रिपाठी ने कहा कि स्मार्ट शहर के निर्माण के दौरान पर्यावरणीय चिंताओं को ध्यान में रखा जाना जरूरी है. रांची के उपमहापौर संजीव विजयवर्गीय ने सम्मेलन के लिए आयोजकों की सराहना की और उम्मीद जतायी की सम्मेलन के इनपुट से शहर सरकार एक समावेशी स्मार्ट शहर बनाने में मदद करेगी.

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शहर को एकीकृत तरीके से बनाया जाएगा: सचिव

शहरी विकास और आवास विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह ने मिशन में अब तक किये गये कार्यों और अधिक परियोजनाओं के लिए योजना की व्याख्या की. उन्होंने कहा कि शहर को एकीकृत तरीके से बनाया जाएगा, जिसमें बार-बार निर्माण और खुदाई से बचने के लिए सभी खुदाई, निर्माण और इंफ्रा कार्यों को एक साथ उठाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार ने पुणे में सफलतापूर्वक प्रयास किए गए मॉडल को अपनाया है.

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स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में रांची औरों से बेहतर

उद्घाटन टिप्पणी करते हुए हेडबर्ग विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि डॉ. राडू कैसुर्मारू ने कहा कि तीन साल पहले कार्यशाला की श्रृंखला शुरू हुई थी. देश के कई हिस्सों में इस तरह की कार्यशालाएं आयोजित की गयी हैं. जिनमें भुवनेश्वर, कोयंबटूर, मुंबई और ऐजवाल आदि 14 शहर शामिल हैं. भविष्य में अधिक शहरों को कवर किया जाएगा. रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम में प्रतिष्ठित फेलो प्रोफेसर अमिताभ कुंडू ने मुख्य भाषण दिया और स्वास्थ्य जैसे कुछ पारामीटर्स के अन्य शहरों की तुलना में रांची के लिए सरकार की सराहना की.

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