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रांची: ‘अपने शहर का आदमी’ धारावाहिक की सातवीं कड़ी ‘आसमान छूते सपने’ की स्क्रीनिंग

Ranchi :  अपने शहर का आदमी धारावाहिक की सातवीं कड़ी ‘आसमान छूते सपने’  की स्क्रीनिंग प्रेस क्लब रांची में की गयी है . यह कड़ी आकाशवाणी से अवकाशप्राप्त कार्यक्रम अधिशासी डॉक्टर गनौरी राम पर बनायी  गयी है. एक घंटे बीस मिनट की फिल्म में डॉक्टर गनौरी राम के बचपन से लेकर अबतक के संघर्षों, सामाजिक संदर्भों, कृषि के क्षेत्र में उनके योगदान और उनकी उपलब्धियों को चित्रित किया गया है.

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि.

डॉक्टर सुशील कुमार अंकन द्वारा 2009 से ही बनाए जा रहे ‘अपने शहर का आदमी’ श्रृंखला के अंतर्गत अब तक सितार वादक प्रभात ठाकुर, साहित्यकार डॉक्टर श्रवण कुमार गोस्वामी, अभिनेता बलदेव नारायण ठाकुर, लोक लेखक एवं अभिनेता तिनकौड़ी साहू, कवि एवं समीक्षक डॉक्टर विद्याभूषण, रवींद्र संगीत साधिका प्रणति लाहिरी और आकाशवाणी से अवकाश प्राप्त कार्यक्रम अधिशासी डॉक्टर गनौरी राम समेत कुल सात फिल्में बनायी जा चुकी हैं.

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धारावाहिक का उद्देश्य

इस संबंध में फिल्मकार सुशील अंकन ने बताया कि कला-संस्कृति, साहित्य से ही किसी क्षेत्र की पहचान बनती है. अपने शहर के कई साहित्यकार कलाकार संस्कृतिकर्मी समाजसेवी अपनी मिट्टी का कर्ज चुका कर हमसे विदा हो गये. और हम सब उन्हें धीरे-धीरे भूलते जा रहे हैं. उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को संरक्षित करने के लिए इस धारावाहिक का निर्माण किया जा रहा है.

शिल्प और शिल्पकार को विरासत के रूप में सुरक्षित- संरक्षित करने और उन्हे आने वाली पीढ़ियों को स्थानांतरित करने के प्रयास का नाम है “अपने शहर का आदमी.“ ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी अपने प्रदेश अपने शहर की हस्तियों की समृद्ध विरासत को जान सके.

कला-संस्कृति साहित्य से जुड़े वरिष्ठ नागरिकों पर बनाई जाने वाली फिल्म एक प्रकार से पुस्तक लेखन का ही कार्य है. इसलिए ही इसे वीडियो बुक की संज्ञा दी गयी है. इसी दृश्य-श्रव्य माध्यम से कला-संस्कृति के मनीषियों को संरक्षित करने का बीड़ा डॉ. सुशील कुमार अंकन ने उठाया है.

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इनका मिला सहयोग

कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ता.

फिल्म निर्माण में सहयोग करने वालों में और उनके परिवार के सभी सदस्य हैं. शोध-कार्य और सहायक लेखन का कार्य किया है प्रो. रोज उरावं ने. लोकेशन सर्वे एवं व्यवस्था में श्रीमती मोहिनी पौराणिक, शशिकला पौराणिक, नरेश-बबीता पौराणिक, पंकज-सरोज पौराणिक, मयंक मिश्र और राकेश रमण थे.

संदर्भ दृश्यों के प्रतीकात्मक नाट्य रूपांतरण में जिन कलाकारों ने काम किया वे हैं राकेश रमण, रीना सहाय, कुमकुम गौड़, ओम प्रकाश, शशिकला पौराणिक, शगुफ्ता यासमीन, बिनय कुमार, विकास कुमार, बिकेश उरावं, पंकज पौराणिक, मयंक मिश्र और शशांक बशिष्ठ. धारावाहिक की इस कड़ी के प्रथम प्रदर्शन को यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया, रांची यूनिट, झारखंड स्टेट ब्रांच के शिवेन्द्र नाथ दुबे, चंचल भट्टाचार्य ने प्रस्तुत किया. उदय साहू ने इसका ईवेंट मैनेज किया.

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