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50 रुपये में कैसे मिलेगा सदर अस्‍पताल के मरीजों को तीनों टाइम पौष्टिक भोजन

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Ranchi: सरकार अस्पताल में इलाजरत मरीजों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण खाना उपलब्ध कराने की बात करती है. ताकि मरीजों का इलाज के साथ स्वास्‍थ्य भी बेहतर हो सके. इसे लेकर सरकार ने सदर अस्पताल रांची में मेस संचालन का आदेश दिया है. 500 बेड के नवनिर्मित सदर अस्पताल में प्रतिदिन मरीजों को तीनों वक्त का खाना देने का प्रवाधान है. सदर अस्पताल प्रबंधन इसका पालन भी कर रहा है. लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि अस्पताल में इलाजरत मरीजों को तीनों टाईम के भोजन के लिए मात्र 50 रुपये ही खर्च किया जाता है. जबकी प्रसूती को तीन टाईम खाने पर 100 रुपये खर्च किया जाता है. ऐसे में समझा जा सकता है कि मरीजों को किस स्‍तर का खाना मुहैया होगा.

50 रुपये में कैसे मिलेगा मरीजों को तीनों टाइम का पौष्टिक भोजनप्रतिदिन 100-120 लोगों को मिलता है खाना

सदर अस्पताल में कार्यरत डाईटीसियन ममता ने कहा कि मरीजों को तीन टाईम का खाना मुहैया कराया जाता है. उन्होंने कहा कि वार्ड में भर्ती मरीजों को उनके डाईट के अनुसार ही खाना दिया जाता है. मरीज को स्वास्थय के अनुसार खाना दिया जाता है, ताकी वे जल्द स्वस्थय हो सके. हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि तीन टाईम के भोजन के लिए बजट बहुत ही कम है.

अस्पताल प्रबंधन के द्वारा दिया जाता है खाना

सदर अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट एके झा ने कहा कि सामान्य वार्ड के मरीजों के लिए 50 रुपये की लागत से तीनों वक्त का खाना दिया जाता है. जबकी जननी सुरक्षा योजना के तहत सदर अस्पताल में आने वाली प्रसूती महिलाओं को 100 रुपये की लागत से तीन टाईम का खाना दिया जाता है. खाने की खराब गुणवत्ता पर पुछे गये सवाल के विषय पर डिप्टी सुपरिटेंडेंट ने कहा कि डाईट के अनुसार ही खाना दिया जाता है. खाना में हरी सब्जी न होने के सवाल पर उन्होंने सब्जी के बढ़ते किमत का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया.

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मरीजों को पानी युक्त दाल और आलू की सब्जी

शहर के इलाही नगर से प्रसव के लिए सदर अस्पताल पहुंची मरीज के परिजन शबनम ने कहा कि दो दिन से सिर्फ आलू की सब्जी खाने में दिया जा रहा है. वहीं दाल की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि सिर्फ नाश्ता ही ठीक है. बाकी दो टाईम का खाना खाने लायक भी नहीं है. वे अपने घर से खाना लाकर मरीज को खिलातीं हैं.

न्यूज विंग की पड़ताल में सामने आया सच

खाराब खाना मिलने की शिकायत पर न्यूज विंग ने जब पड़ताल किया तो सच सामने आया. ट्राली पर खाना बन कर वार्ड में आया तो जरूर, लेकिन वहीं खाना सदर अस्पताल में इलाजरत सभी मरीजों को दिया जा रहा है. जबकी नियम यह है कि सामान्य मरीजों को अलग और प्रसव के लिए आयी महिलाओं को पौष्टिक खाना देने का प्रवाधान है. लेकिन अस्पताल प्रबंधन मरीजों के स्वास्थय के साथ खिलावाड़ करते हुए सब को एक ही भोजन उपलब्ध करवा रहा है. वहीं मरीजों को खाना लेने के लिए घर से थाली लाना पड़ता है.

 

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