HEALTHJharkhandRanchi

सर्जरी कराने वालों का भरोसा बना रांची सदर अस्पताल, हीप रिपेल्समेंट और लेप्रोस्कोपी तक की सुविधा

Ranchi : रांची का सदर अस्पताल सर्जरी कराने वाले मरीजों का नया भरोसा बन रहा है. रांची सदर अस्पताल में प्रतिदिन पांच बड़ी -छोटी सर्जरी की जा रही हैं. प्रति महीने 150 के करीब सर्जरी हो रही हैं. इस अस्पताल में डॉक्टरों ने हाल ही में हीप रिप्लेसमेंट से लेकर लेप्रोस्कॉपी सर्जरी तक की है.

बता दें ये दोनों तरह के ऑपरेशन राज्य के किसी भी अन्य सदर अस्पताल में नहीं किया जाता है. सदर अस्पताल में अधिकतर मरीज आयुष्मान भारत योजना के दायरे में आनेवाले होते हैं तो 30 प्रतिशत मरीज गैर आयुष्मान वाले भी होते हैं.

इसे भी पढ़ें :धनबाद : रोटी बैंक यूथ क्लब के बैनर तले वेलेंटाइन डे के बदले रोटी डे का आयोजन, भूखों का भरा गया पेट

ram janam hospital
Catalyst IAS

तीन डॉक्टर प्रतिदिन 3 से 5 ऑपरेशन करते हैं

The Royal’s
Sanjeevani

रिम्स सर्जरी के डॉ अजीत ने बताया कि सर्जरी विभाग में तीन डॉक्टर हैं. सभी प्रतिदिन 3 से 5 ऑपरेशन करते हैं. उन्होंने बताया कि वे चाहते हैं कि मरीजों को लेप्रोस्कॉपी सर्जरी की व्यवस्था सरकारी अस्पतालों में भी मिले. उन्होंने अब तक चार लेप्रोस्कोपी सर्जरी सदर अस्पताल में की है. वहीं आर्थो की डॉ नितेश प्रिया ने हाल में 26 साल की युवती का सफल हीप रिप्लेसमेंट किया था.

इसे भी पढ़ें :जेसीआइ रांची के रक्तदान शिविर में कुल 80 यूनिट रक्त संग्रहित

बाहर से भी मंगायी गयी मशीनें

बता दें कि रिम्स में जिन लोगों की लेप्र्रोस्कॉपी सर्जरी की गयी. उसके लिये मशीनें बाहर से मंगायी गयी थी. इसके बदले आयुष्मान से पैसे का भुगतान भी किया गया. इस तरह के ऑपरेशन के लिये सभी बार मशीनें डॉक्टरों ने बाहर से मंगवायी थी. पर, सिविल सर्जन ने कहा कि जल्द ही मशीनों की व्यवस्था भी हो जाएगी. इसके अलावा ऑपरेशन के लिये ऐनेस्थेटिक की भी जररूरत होती है. ऑपरेशन से पहले उनकी भी व्यवस्था करनी होती है, जिसके बदले पैसे का भुगतान किया जाता है. पर, स्थास्य्य विभाग के अनुसार सदर अस्पताल को जल्द ही दो ऐनेस्थेटिक मिल जाएंगे.

सप्ताह में छह दिन होते हैं ऑपेशन

बता दें कि सदर अस्पताल रांची में सभी कार्य दिवसों में ऑपरेशन किया जाता है. कोरोना के समय में भी डॉक्टरों ने जटिल से जटिल ऑपरेशन किया है. मरीजों को देखने के बाद एक से दो दिन का समय दिया जाता है जिसके बाद उनका ऑपरेशन किया जाता है. सदर अस्पताल में आने वाले मरीज फिलहाल इस सुविधा के मिल जाने से राहत में हैं.

इसे भी पढ़ें :CCD के फाउंडर वीजी सिद्धार्थ के बेटे की कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष की बेटी ऐश्वर्या से हुई शादी

Related Articles

Back to top button