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2019 में निर्वाचित तीन सांसदों ने ही पंचायतों को गोद लिया, अर्जुन मुंडा ने पांच फेज की तैयारी की

शुरू हुआ बेस लाइन सर्वे कार्य, अन्य 11 सांसदों का प्रस्ताव ग्रामीण विकास विभाग के पास नहीं पहुंचा है

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Chhaya

Ranchi :  साल 2019 में लोकसभा में जीते सांसदों ने आदर्श ग्राम योजना को भुला दिया. तभी तो जीत के लगभग नौ महीने बीत जाने के बाद भी मात्र तीन सांसदों ने ही इस पर पहल की. जबकि राज्य में 14 लोकसभा सांसद हैं.

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ग्रामीण विकास विभाग की मानें तो साल 2019 में बने लोकसभा सांसदों में से तीन ने ही अब तक किसी पंचायत को गोद लिया. इनमें खूंटी सांसद अजुर्न मुंडा, गोड्डा के सांसद निशिकांत दूबे और रांची सांसद संजय सेठ हैं.

सांसद अजुर्न मुंडा और संजय सेठ ने पहली बार योजना के तहत पंचायत गोद लिया है. जबकि सांसद निशिकांत दूबे चौथी बार गांव गोद ले रहे हैं. अजुर्न मुंड की ओर से पांच फेज के लिए पंचायतों का चयन कर लिया गया है.

जिसमें चौथे फेज के लिए खुंटी की मुरही पंचायत, फेज पांच के लिए सरायकेला खरसावां जिले की अरूआ पंचायत और फेज पांच के लिए तमाड़ प्रखंड की पुड़िदिरी पंचायत है. फेज छह के लिए सिमडेगा की हेटमा पंचायत और फेज सात के लिए तोरपा की हुसीर पंचायत का चयन किया गया है.

वहीं संजय सेठ ने रांची की तुरूप पंचायत और निशिकांत दूबे ने देवघर की महपुर पंचायत का चयन किया है.

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बेस लाइन सर्वे हुआ शुरू

ग्रामीण विकास विभाग की ओर से सांसदों को पंचायत गोद दी जाती है. लेकिन इन गांवों में का झारखंड लाइवलीवुड प्रमोशन सोसायटी की ओर से किया जाता है. झारखंड लाइवलीवुड प्रमोशन सोसायटी जेएसएलपीएस से जानकारी मिली की तीन सांसदों के पंचायत गोद लेने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.

सोसायटी की ओर से इस पर बेस लाइन सर्वे का काम किया जा रहा है. यह सर्वे गांव के समग्र विकास के लिए किया जाता है. इसके साथ ही इंट्री प्वाइंट एक्टिविटी और पर्यावरण आदि का अध्ययन किया जाता है.

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इस कार्य में जेएसएलपीएस को छह माह का समय लगता है. जिसके बाद तय किया जायेगा कि गांव में किस विषय पर अधिक ध्यान दिया जाना है. विभाग से जानकारी मिली है कि इन तीन लोकसभा सांसदों के अलावा किसी और सांसद की ओर से विभाग को कोई जानकारी नहीं दी गयी है.

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जिला स्तरीय समीति करती है चयन

केंद्र सरकार की योजना के अनुसार हर साल सांसदों को पंचायत गोद लेना है. सांसदों की ओर से गांवों का चयन कर ग्राम विकास योजना या विलेज डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जाता है. जिसे जिला स्तरीय समिति को दिया जाता है. जिसके अध्यक्ष डीसी होते हैं. प्लान पर समिति की सहमति के बाद इसे स्वीकृत किया जाता है.

जिसके बाद इस पर ग्रामीण विकास विभाग की ओर से कार्य शुरू किया जाता है. बता दें कि डीसी जिला स्तर पर इसके नोडल पदाधिकारी होते हैं. वहीं काम झारखंड लाइवलीवुड प्रमोशन सोसायटी की ओर से किया जाता है.

क्या है सांसद आदर्श ग्राम योजना

सांसद आदर्श ग्राम योजना, गांवों के समग्र विकास के लिए चलायी जाती है. जिसके तहत सांसदों को पंचायत गोद लेनी होती है. यह येाजना केंद्र सरकार की ओर से प्रायोजित है. साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की शुरूआत लखनऊ के जयनगर गांव को गोद लेकर की थी.

योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जागरूक बनाकर सरकारी योजनाओं से जोड़ना है. जिसका नेतृत्व सांसद करते हैं. बता दें कि इस योजना के लिए केंद्र सरकार अलग से फंडिंग नहीं करती है.

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