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रांची निर्भया केस: हत्या के आरोपी राहुल को CBI कोर्ट ने दी फांसी की सजा

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Ranchi: रांची के सदर थाना क्षेत्र स्थित बूटी बस्ती में बहुचर्चित बीटेक छात्रा हत्याकांड में गिरफ्तार राहुल राय को शनिवार को सीबीआइ की कोर्ट ने फांसी की सजा सुनायी है.

इससे पहले शुक्रवार को सीबीआइ कोर्ट ने राहुल को दोषी करार दिया था. इससे पहले सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश एके मिश्रा की अदालत में दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी हो होने के बाद दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसले की तिथि 20 दिसंबर को तय की थी.

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आरोपी राहुल राज उर्फ अंकित राज उर्फ रॉकी है. इस मामले में सीबीआइ ने 19 सितंबर को चार्जशीट किया था. जबकि 25 अक्तूबर को इस मामले में आरोप गठन (चार्ज फ्रेम) किया गया था. ज्ञात हो कि बहस के दौरान 13 दिसंबर को सीबीआइ ने घटना को क्रूरतापूर्ण बताते हुए फांसी की सजा देने की मांग की थी.

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लखनऊ से आरोपी हुआ था गिरफ्तार

बीते 22 जून को आरोपी राहुल को सीबीआइ की टीम ने लखनऊ से गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार राहुल को डीएनए मिलान के आधार पर सीबीआइ ने लखनऊ से गिरफ्तार किया था. उसके बाद उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था.

सीबीआइ ने उससे पूछताछ व विभिन्न जगहों पर ले जाने के लिए नौ दिन का रिमांड मांगा था. लेकिन अदालत ने पांच दिन का ही रिमांड दिया था. हालांकि उस वक्त पूछताछ के दौरान राहुल राज से सीबीआइ को कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिला था. बीटेक छात्रा की हत्या मामले को रांची की निर्भया नाम दिया गया था.

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घटना के एक साल बाद सीबीआइ ने दर्ज किया था मामला

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रांची की निर्भया हत्याकांड में सीआइडी से पहले घटना की जांच जिला पुलिस ने शुरू की थी. लेकिन कुछ हासिल नहीं हो पाने की वजह से एसआइटी गठित की गयी. एसआइटी के साथ-साथ सीआइडी ने भी समानांतर जांच शुरू की थी.

कोर्ट के आदेश पर कई संदिग्धों की डीएनए जांच भी करायी गयी. घटना स्थल से पुलिस को जितने साक्ष्य मिले, सभी का एफएसएल जांच भी हुआ. बावजूद इसके मामले का खुलासा नहीं हो पाया. राज्य सरकार की अनुशंसा के एक साल बाद मामले की जांच के करीब एक साल बाद सीबीआइ ने 28 मार्च 2018 को मामला दर्ज किया है.

तब उम्मीद जतायी जा रही कि बूटी बस्ती की बीटेक छात्रा की हत्या के रहस्य से जल्द पर्दा उठ जाएगा और सीबीआइ ने बीते 22 जून को बीटेक छात्रा की हत्या के आरोपी राहुल को गिरफ्तार किया था.

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दुष्कर्म के बाद की गयी थी हत्या

गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2016 को रांची की बूटी बस्ती की रहने वाली बीटेक की छात्रा के घर में घुसकर कुछ युवकों पहले रेप किया. फिर उसकी हत्याकर दी औक शव को तेजाब से जलाने का प्रयास किया था.

इस घटना ने राजधानी रांची को हिला कर रख दिया था. घटना के विरोध में स्कूली बच्चों से लेकर शहरवासी सड़कों पर उतरे थे. कई जगह इसके विरोध में कैंडल मार्च भी निकाला गया था.

कब क्या हुआ

  • 16 दिसंबर 2016 : सुबह आठ बजे इस हत्याकांड के बारे में पुलिस को सूचना मिली, जांच शुरू हुई.
  • 17 दिसंबर 2016 : शव का अंतिम संस्कार किया गया. शक के आधार पर छह युवकों को हिरासत में लिया गया था. फिर पूछताछ कर छोड़ दिया गया.
  • 18 दिसंबर 2016 : फोरेंसिक की टीम ने घटनास्थल की सूक्ष्म जांच की.शहर में इस हत्याकांड को लेकर लोग विरोध प्रदर्शन किया और कैंडल मार्च निकाला.
  • 19 दिसंबर 2016 : एक हजार छात्रों ने बूटी मोड़ चौराहे को चार घंटे तक जाम किया. पुलिस ने फिर चार को हिरासत में लिया लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला.
  • 20 दिसंबर 2016 : पुलिस का दावा मामले का शीघ्र खुलासा कर लेंगे. थोड़ा वक्त जरूर लगेगा, साक्ष्य जुटाये जा रहे हैं.
  • 21 दिसंबर 2016 : निर्भया के कॉलेज जाकर पुलिस ने सहेलियों से जानकारी ली.
  • 22 दिसंबर 2016 : निर्भया को इंसाफ दिलाने के लिए फिर सड़क पर उतरे लोग.
  • 23 दिसंबर 2016 : कॉलेज की छात्र-छात्राओं ने कहा, मुहल्ले से लेकर कॉलेज तक मनचलों ने किया था छात्रा का पीछा. पुलिस के हाथ रहे खाली.
  • 24 दिसंबर 2016 : पुलिस ने मुहल्ले के एक-एक घर का ब्योरा व इतिहास खंगाला.
  • 25 दिसंबर 2016 : क्राइम सीन तैयार कर जांच को दिशा देने की कोशिश हुई. छात्रा के मोबाइल, फेसबुक व वाट्सएप तक को खंगाला, पर सुराग नहीं मिला.
  • 26 दिसंबर 2016 : मुख्यमंत्री ने छात्रों को दिया 8 घंटे के भीतर कांड को सुलझा लेने का आश्वासन.
  • 27 दिसंबर 2016 : कोई उपलब्धि नहीं.छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन जारी रहा.
  • 28 दिसंबर 2016: मुख्यमंत्री ने कहा, सफेदपोश का हाथ 8 घंटे में खुलासा नहीं हुआ तो केस सीबीआइ को.
  • 29 दिसंबर 2016 : कोलकाता गयी टीम को भी सफलता नहीं मिली. टीम वापस लौट आयी.
  • 30 दिसंबर 2016 : पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि.
  • 31 दिसंबर 2016 : सीएम का डेडलाइन भी खत्म हुआ. पुलिस को नहीं मिला कोई सुराग.
  • 01 जनवरी 2017 : मृतका के वाट्सएप से मिले कई संदिग्ध नंबर.
  • 2 जनवरी 2017: मामले में कोई प्रगति नहीं. पुलिस मुहल्ले से लेकर कॉलेज तक का डेटाबेस तैयार करने में जुटी.
  • 6 जनवरी 2017 : मुख्यमंत्री ने की सीबीइआइ जांच की अनुशंसा.
  • 07 अप्रैल 2017 : केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से निर्धारित फॉर्मेट में जानकारी मांगी.
  • 8 अप्रैल 2017 : राज्य के गृह विभाग ने मांगी गयी जानकारियां केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी.
  • 27 अक्टूबर 2017 : डीजीपी डीके पांडेय ने सरकार के माध्यम से संशोधित कॉपी सीबीआइ को भेजने की अनुशंसा की, ताकि इस मामले की सीबीआइ से जांच कार्रवाई जा सके.
  • 28 मार्च 2018 : करीब एक साल बाद सीबीआइ ने मामला दर्ज किया.
  • 22 जून 2019: बीटेक छात्रा हत्याकांड के आरोपी राहुल राय को सीबीआइ ने लखनऊ से गिरफ्तार किया और रांची लेकर आयी.
  • 25 अक्टूबर 2019: इस मामले में आरोप गठन किया गया.
  • 13 दिसंबर 2019: सीबीआइ ने घटना को क्रूरतापूर्ण बताते हुए आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की.
  • 20 दिसंबर 2019: सीबीआइ की कोर्ट ने दोषी करार दिया.
  • 21 दिसंबर 2019: सीबीआइ की कोर्ट ने राहुल को फांसी की सजा दी.

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