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Ranchi News : सांसद प्रतिनिधि ने उठाये कई सवाल, कहा, रिम्स का ट्रॉमा सेंटर प्रबंधन के कंट्रोल से बाहर

बिना डाइटिशियन के किचन संचालन का मुद्दा भी उठाया

Ranchi : राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल रिम्स में सोमवार को गवर्निंग बॉडी की बैठक हुई थी. इसमें सर्वसम्मति से मरीजों के हित में कई अहम फैसले लिए गए. इस दौरान सांसद प्रतिनिधि राजकिशोर ने भी मरीजों के हित में कई मुद्दों को उठाया. उन्होंने कहा कि रिम्स का ट्रॉमा सेंटर जिस उद्देश्य से बनाया गया था, उसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है. वहां पर इंचार्ज की मनमानी चल रही है.

इससे साफ है कि ट्रॉमा सेंटर पर प्रबंधन का भी कंट्रोल नहीं है. इसका खामियाजा रिम्स में इलाज के लिए आने वाले मरीज भुगत रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने बिना डाइटिशियन के किचन संचालन और रिम्स डेंटल कॉलेज में ऑपरेशन थिएटर नहीं बनने का मुद्दा भी उठाया.

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पहुंच वाले मरीजों को आसानी से बेड

ट्रामा सेंटर के मामले में उन्होंने कहा कि इंचार्ज केवल पहुंच वाले लोगों को ही बेड उपलब्ध कराते हैं. प्राइवेट हॉस्पिटल से भेजे जाने वाले मरीजों को भी बेड आसानी से मिल जाता है. जबकि सामान्य व गरीब मरीजों के लिए बेड उपलब्ध रहने के बावजूद उन्हें उपलब्ध नहीं कराया जाता है. साथ ही उन्होंने पूछा कि जब प्रधानमंत्री केयर्स फंड से सैकड़ों वेंटिलटर उपलब्ध कराए गए हैं तो मरीजों को इसका लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा ?

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सात साल में नहीं बना ऑपरेशन थिएटर

रिम्स डेंटल कॉलेज को खुले हुए 7 साल का लंबा समय बीत चुका है इतने बड़े हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज तो हो रहा लेकिन ऑपरेशन के लिए एक ऑपरेशन थिएटर आज तक नहीं बनाया जा सके जबकि इसके लिए जगह भी आवंटित कर दी गयी है और कई तरह की मशीनें भी मंगा ली गई हैं. इसके बावजूद मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है. इससे समझा जा सकता है कि प्रबंधन मरीजों को लेकर कितना लापरवाह है.

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बिना डायटिशियन चल रहा किचन

हॉस्पिटल में हर दिन लगभग 2000 मरीजों का डाइट तैयार किया जाता है. जिसकी देखरेख के लिए डाइटिशियन की नियुक्ति की गई है. जिससे कि मरीजों को पौष्टिक आहार मिल सके. वहीं OPD के मरीजों को भी परामर्श मिल सके  लेकिन पिछले 6 महीने से बिना डाइटिशियन के ही किचन का संचालन किया जा रहा है.

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