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सफाई कार्य के लिए रांची नगर निगम का नया सिस्टम, तीन भागों में बांटा गया काम

  • डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन, रोड स्वीपिंग और ड्रेन क्लीनिंग बीट से जुड़ा है नया सिस्टम

Ranchi : राजधानी की सफाई व्यवस्था काम से रांची आरएमएसडब्ल्यू को हटाये जाने के पहले एक वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी रांची नगर निगम ने कर ली है. इसके लिए एक सिस्टम बनाया जाना है, जिसमें निगम और कंपनी के सफाईकर्मियों मिलकर तीन तरह की बीट पर काम करेंगे.

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यह तीन बीट डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन, रोड स्वीपिंग और ड्रेन क्लीनिंग से जुड़ा हुआ है. अपर नगर आयुक्त गिरीजा शंकर प्रसाद ने कहा कि निगम बोर्ड बैठक में पहले ही कंपनी को हटाने संबंधी प्रस्ताव पास कर दिया गया है. अब केवल नगर विकास विभाग से मंजूरी बाकी है.

लेकिन कंपनी के हटने के बाद सफाई व्यवस्था चरमरा नहीं जाये,इसके लिए ही यह सिस्टम तैयार किया गया है. सिस्टम के होने से सफाई कार्य होने के साथ ही सही तरीके से कर्मियों का मॉनिटरिंग हो सकेगा.

सिस्टम के पहले बीट डोर टू डोर क्लेक्शन में बीट का नाम (गलियों से जुड़ा), बीट डिलेट (गली नंबर और उसमें रहने वाले दो लोगों का मोबाइल नंबर), किस गलियों में कौन सी सफाईकर्मी जायेगा, उसका मोबाइल नंबर और वहां जाने वाली गाड़ियों का विवरण शामिल है.

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डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन प्रतिदिन के हिसाब

इस सिस्टम की पूरी प्रकिया की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य शाखा के सिटी मैनेजर संदीप कुमार ने बताया कि राजधानी के 33 वार्डों में सफाई देख रही कंपनी एस्सेल इंफ्रा कभी भी हटाया जा सकता है. ऐसा होने पर सफाई व्यवस्था की तैयारी की जा रही है.

इसके लिए तीन तरह की बीट व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार हुआ है. पहली व्यवस्था डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन है, जो कि प्रतिदिन के हिसाब से है. इसमें एक गाड़ी जितनी दूरी तक एक ट्रिप तय करेगी, वह एक बीट माना जायेगा. सभी वार्डों के गालियों को वार्ड वाइज बांटा गया है.

निगम के सुपरवाइजरों  द्वारा इन गालियों का नंबरिंग भी किया जा रहा है. साथ ही नंबरिंग वाइज एक लिस्ट भी इन सुपरवाइजरों को दिया जायेगा. साथ ही क्लेक्शन के वक्त लिस्ट में दिये गालियों के दो से तीन लोगों के हस्ताक्षर लिये जायेंगे, ताकि यह मालूम चले, कि उस वार्ड में निरंतर कूड़े का उठाव हो रहा है.

वहीं इन गालियों में जाने वाले गाड़ियों के चालकों का मोबाइल नंबर भी लिस्ट में रहेगा, ताकि चालकों का मॉनिटरिंग किया जा सके.

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ड्रेन क्लीनिंग का कार्य सप्ताह में एक बार

सिस्टम में बने दूसरे बीट ‘ड्रैन क्लीनिंग’ का कार्य सप्ताह में एक बार किया जायेगा. यह कार्य प्रति गालियों के हिसाब किया जाना है. वहीं तीसरे बीट रोड स्वीपिंग के लिए कॉमिशियल एरिया में प्रतिदिन और कॉलोनियों के अंदर की गलियों में प्रति सप्ताह स्वीपिंग का काम होगा.

चुनाव के कारण लटका टर्मिनेट का मामला

मालूम हो कि कंपनी आरएमएसडल्ब्यू को टर्मिनेट करने का मामला चुनाव के कारण लटक गया है. माना जा रहा है कि निगम बोर्ड परिषद ने नगर विकास विभाग से कंपनी को टर्मिनेट करने का प्रस्ताव अभी तक नहीं भेजा है.

वहीं अगर इसे भेजा भी जाता है, तो आचार संहिता के कारण विभाग भी कंपनी को हटाने से परहेज ही करेगा. वहीं कंपनी से की गयी शर्तों के मुताबिक अगर इस नीजि कंपनी को चुनाव बाद हटाया भी जाता है, तो किसी भी हाल में अगले छह माह तक नई कंपनी का चयन नहीं किया जा सकता. इसी को देख निगम के आला अधिकारियों ने सफार्ई कार्या का नयी सिस्टम बनाया है.

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