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रांची नगर निगम : कर्मचारियों के हड़ताल से न निगम में हुआ काम, न ही उठा कूड़ा

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Ranchi : स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल हुई रांची शहर स्थित नगर निगम में एकबार फिर गुरुवार को काम पूरी तरह से ठप रहा. एक तरफ वेतन नहीं मिलने से नाराज मोरहाबादी एमटीएस के कर्मचारी हड़ताल पर चले गये है. वहीं निगम परिसर में कार्यरत कर्मचारी अपने मांगों को लेकर करीब 4 से 5 घंटे सांकेतिक हड़ताल पर रहे. इससे निगम परिसर कार्यालय में कार्य पूरी तरह से ठप रहा. ये कर्मी अपने मांगों को लेकर पिछले 5 फरवरी से हड़ताल पर हैं.

फिर चरमराई शहर की सफाई व्यवस्था

मोरहाबादी स्थित एमटीएस के सफाई कर्मचारी एकबार फिर अपने वेतन, ईपीएफ,  हेल्थ बीमा, जैसी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गये हैं. इन कर्मियों को पिछले दो माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से मोरहाबादी एमटीएस में आने वाले कई वार्डों की सफाई व्यहवस्था चरमरा गयी. इससे न तो घरों से कूड़ा उठा और न ही शहर में साफ-सफाई हुई. पहले से ही सफाई कर्मचारियों की कमी थी और अब अपनी मांगों को लेकर ये कर्मचारी हड़ताल पर हैं, ऐसे में यह सवाल पैदा होता है कि आखिर अब इन वार्डों में क्या निगम सफाई कार्य करेगा! सफाई कर्मचारियों के काम पर वापस न लौटने की स्थिति में इन वार्डों में गंदगी का अंबार लगने लगा है. कर्मचारियों का कहना है कि जब तक मांग नहीं मानी जायेगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगा.

नाराज 11 पार्षद सौंप चुके हैं ज्ञापन

मालूम हो कि कंपनी एस्सेल इंफ्रा द्वारा समय पर वेतन नहीं दिये जाने से पहले भी कई बार शहर के एमटीएस कर्मी हड़ताल पर जा चुके हैं. लेकिन इसके बावजूद कंपनी अभी तक कर्मियों के वेतन भुगतान की समस्या का निदान पूरी तरह से नहीं कर पाया है. अभी हाल में ही 33 वार्डों में सफाई कार्य नहीं होने से नाराज 11 पार्षद के समूह ने नगर आयुक्त से मिल कंपनी को हटाने के लिए एक ज्ञापन सौंपा था. इसपर अधिकारियों द्वारा कंपनी को शो-कॉज नोटिस भी भेजा गया है. इस संदर्भ मे सोमवार को एक बैठक भी प्रस्तावित है.

निगमकर्मी भी रहे हड़ताल पर

एमटीएस कर्मियों के अलावा निगम में कार्यरत कर्मचारी भी अपने मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे. निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नरेश राम ने बताया कि कर्मी पिछले 15 दिनों से अपने मांगों को लेकर कई बार अधिकारियों से बात कर चूके है. फिर भी उनके मांगों पर अभी तक विचार नहीं किया गया है. संघ के मांगों में 7वें वेतनमान का लाभ देना, दैनिक कर्मचारियों का स्थायीकरण, पदोन्नति और वेतनवृद्धि के लिए एमएसीपी (Modified Assured Career Progression) का लाभ कर्मियों को देना शामिल है. उन्होंने उम्मीद जतायी कि अगले दो-तीन दिनों में इसका कुछ न कुछ समाधान हो जायेगा.

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